यूपी के आजमगढ़ में दशकों से हो रहा जहरीली शराब का कारोबार, अब तक 100 से अधिक की हो चुकी है मौत

जिले में जहरीली शराब का कारोबार काफी पुराना है, यहां जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। रौनापार क्षेत्र में जहरीली शराब कांड में 56 की मौत के बाद सीएम योगी ने सदन में इस कारोबार को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से एक बार फिर जिले में मौत का तांडव हो रहा है। अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. आंबेडकर नगर और आजमगढ़ जहरीली शराब का तांडव जारी है। दोनों जिलों में अब तक जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हो चुकी है और कई की हालत गंभीर है। प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए घटना दूसरे जिले की बताकर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है जबकि सभी जानते हैं कि यह जिला जहरीली शराब के कारोबार का हब बन चुका है। अब तक हुई चार बड़ी घटनाओं में 100 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। रौनापार की घटना की गूंज तो सदन में भी सुनाई दी थी। खुुद सीएम योगी ने इस कारोबार को जड़ से समाप्त करने का निर्देश जारी किया था लेकिन अधिकारियों की लापरवाही ने न केवल कारोबार बदस्तूर जारी है बल्कि एक बार फिर मौत का खेल शुरू हो गया है।

बता दें कि जिले में दियारा से मार्टीनगंज, पवई, मुबारकपुर ठेकमा आदि क्षेत्रों में जहरीली शराब का कारोबार खुलकर होता है। कहीं न कहीं इसमें पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध मानी जाती रही है। जहरीली शराब से जिले में हुई बड़ी घटनाओं पर गौर करें तो 07 जुलाई 2017 को रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया व जीयनपुर कोतवाली के अजमतगढ़ में जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हुई थी। चार लोगों के आंखों की रोशनी चली गई थी। इस घटना को सीएम योगी ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने सदन में शराब के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करनेे का निर्देश दिया था लेकिन पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

इसके पूर्व सपा सरकार में 18 अक्टूबर 2013 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के केरमा सहित आसपास के गांव में जहरीली शराब पीने से 56 लोगों की मौत हुई थी। उस समय छह लोगों के आंख की रोशनी चली गई थी। उससे पहले वर्ष 2009 में बरदह थाना क्षेत्र के इरनी गांव में जहरीली शराब पीने से जहां 10 लोगों की मौत हुई थी, वहीं उस घटना में भी चार लोगों के आंखों की रोशनी चली गई थी। छिटपुट घटनाएं तो जिले में आम बात हो चुकी है। प्रशासन की लापरवाही का परिणाम रहा कि अवैध शराब का कारोबार जिले में कुटीर उद्योग का रुप ले चुका है। खुलेआम जहरीली शराब की बिक्री हो रही है और इसे पीकर लोग मर रहे है। आजमगढ़ अंबेडकरनगर बार्डर पर हुई वारदात इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।

अभी कुछ दिनों पूर्व निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहां बाजार में कोरोना कर्फ्यू के दौरान पर पुलिस चैकी पर तैनात एक सिपाही कार में बैठकर शराब की दुकान से बिक्री करवाते देखा गया था। उसकी फोटो वायरल होने के बाद एसपी ने उसे निलंबित कर दिया था। पवई इलाके में अवैध शराब की बिक्री में भी पवई थाने के एक सिपाही का नाम सामने आ रहा है। उसकी की शह पर अवैध शराब का कारोबार मित्तूपुर बाजार में चल रहा था। इसके बाद भी आलाधिकारी मौन है। कार्रवाई के बजाय घटना को दूसरे जिले की बता मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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