दलित युवती को जिंदा जलाने के बाद गांव में तनाव, पुलिस फोर्स सहित खुफिया तंत्र तैनात

By: ज्योति मिनी

Updated: 08 May 2018, 04:34 PM IST

Azamgarh, Uttar Pradesh, India

दलित युवती को जिंदा जलाने के बाद गांव में तनाव, पुलिस फोर्स सहित खुफिया तंत्र तैनात

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दलित युवती को जिंदा जलाने के बाद गांव में तनाव, पुलिस फोर्स सहित खुफिया तंत्र तैनात

आगमगढ़. समुदाय विशेष के युवक द्वारा दलित युवती को चलाकर मारने की कोशिश करने के बाद एक बार फिर जिले का सांप्रदायिक माहौल खराब होता दिख रहा है। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस व पीएसी तैनात है। दोनों समुदायों में घटना के बाद से तनाव है। लोग को डर हैं कि, कहीं सरायमीर की स्थित यहां भी उत्पन्न न हो। वहीं रातों रात निजामाबाद थानाध्यक्ष को हटाकर प्रभार चंद्रभाष्कर द्विवेदी को सौंप दिया गया है।

बता दें कि, निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहां गांव की दलित बस्ती में सोमवार की देर शाम अल्पसंख्यक समुदाय का एक युवक दलित के घर में घुस गया। उसने घर में मौजूद 18 वर्षीय युवती के साथ छेड़ाखानी की। युवती ने विरोध किया तो युवक ने उसे मारापीटा और उसके शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरी युवती चीखते हुए बाहर की तरफ भागी तो बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए और किसी तरह आग बुझाया।

वहीं युवक ने दीवार फांदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई की। घटना की जानकारी होने पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। झुलसी युवती का उपचार वाराणसी में चल रहा हैं। वहीं आरोपी युवक मोहम्मद शफी पुत्र मोहम्मद रफीक का उपचार पुलिस हिरासत में जिला अस्पताल में चल रहा है।

घटना के बाद उपजे तनाव को देखते हुए मौके पर पीएसी और कई थानों की फोर्स के साथ आलाधिकारी जुटे हुए हैं। एसपी सिटी सुभाष चंद गंगवार खुद मौके पर रूककर स्थित पर नजर बनाए हुए हैं। हर आने जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। वहीं देर रात हुई छेड़खानी के मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की माने तो अभी तक किसी ने तहरीर नहीं दी है। हाल में सरायमीर में हुई हिंसा को देखते हुए खुफिया तंत्र भी एलर्ट है।

एसपी सिटी का कहना है कि, स्थिति सामान्य है लेकिन पुलिस हर स्थित से निपटने के लिए तैयार है। पुलिस की तैयारी का अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि, जगह-जगह एक या दो की संख्या में उन्हें तैनात किया गया है। यह दिखाने का प्रयास किया जा रहा है कि, कहीं कुछ नहीं है। आसपास के गांव में भी इस घटना का असर दिख रहा है। खासतौर पर दलितों में काफी नाराजगी है। वे इस घटना को सरकार और पुलिस की नाकामी मान रहे हैं।

input रणविजय सिंह

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