कोरोना से आजमगढ़ के फूलपुर कोतवाली प्रभारी की मौत, लखनऊ में चल रहा था इलाज

लखनऊ में चल रहा था उपचार, संक्रमण से किसी अधिकारी की पहली मौत।

आजमगढ़. जिले में कोरोना का कहर जारी है। कोरोना संक्रमण के शिकार फूलपुर कोतवाली प्रभारी शेर सिंह तोमर का उपचार के दौरान लखनऊ में निधन हो गया। जिसके बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ पड़ी। प्रशासन और पुलिस विभाग में कोरोना से यह पहली मौत है।

 

इटावा जिले के तनुआ गांव निवासी शेर सिंह तोमर फूलपुर कोतवाली में कोतवाल के पद पर तैनात थे। 26 अगस्त को कारोना की जांच रिपोर्ट पाजिटिव आयी थी। जिसके बाद उन्हे आइसोलेट कर दिया गया था। कुछ दिनों पर उनकी दूसरी जांच रिर्पोट निगेटिव आयी थी। निगेटिव आने के बाद उनकी आरटीपीसीआर जांच के लिए सैम्पल लखनऊ भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने सैम्पल को संदिग्ध करार देते हुए पुनः दुसरे सैम्पल की मांग की। इसी बीच एसएचओ की तबियत खराब होने लगी बाद में उन्हे सांस लेने में दिक्कत हुई तो चिकित्सको ने लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। उन्हे लखनऊ के एक निजी चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनकी हालत में सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही थी। जिसके बाद डाक्टरों ने उन्हे वेंटिलेटर पर रखा था। जहां सोमवार की तड़के उनकी मौत हो गयी। कोतवाल की मौत के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ पड़ी।

 

पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने मौत की पुष्टि करते हुए अपने शोक संदेश में कहा कि प्रभारी निरीक्षक फूलपुर शेर सिंह तोमर की कोरोना योद्धा के रूप में बीमारी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। उनके इस असामयिक मृत्यु से पूरा पुलिस परिवार शोक व्यक्त करता है। उन्होने सभी पुलिस परिवार एवं आमजन से निवेदन है कि कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से बचने के लिए मास्क, सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से करेे । बतातें चलें कि यह जिले में प्रशासन व पुलिस विभाग में कोरोना से पहली मौत है। जबकि जिले में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, सीओ समेत कई पुलिस अधिकारी कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके है।

By Ran Vijay Singh

Coronavirus Pandemic
रफतउद्दीन फरीद
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