निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में बिजली कर्मचारी, सड़क पर उतरकर सरकार को चेताया

पूर्वांचल विद्युत वितरण खंड के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी लामबंद हो गये है, लगातार धरना प्रदर्शन के माध्यम से अपनी बात को सरकार तक पहुंचाने के प्रयास में जुटे कर्मचारियों ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए आर पार के लड़ाई की चेतावनी दी है।

आजमगढ़. पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के फैसले का विरोध तेज होता दिख रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त कर्मचारी समिति के बैनर तले हाइडिल परिसर में पिछले 16वें दिन से धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बुधवार को सरकार पर कर्मचारी हितों के अनदेखी का आरोप लगाया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरकार द्वारा निजीकरण का फैसला वापस न लेने पर आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी।

राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश यादव ने कहा कि निजीकरण कर्मचारी राष्ट्र एवं उपभोक्ता किसी के हित में नहीं है। जूनियर इंजीनियर संगठन के जिला सचिव आशुतोष यादव व विद्युत मजदूर पंचायत के अध्यक्ष राज नारायण सिंह ने सरकार से अपील किया कि निजीकरण के फैसले को वापस लें और आधुनिक संसाधन एवं मैन पॉवर बढ़ाकर संघीय ढ़ांचे का मजबूत बनाये जो कर्मचारी राष्ट्र एवं उपभोक्ता के हित में है। अगर सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करते है और निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती है तो संगठन बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।


अध्यक्षता राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश यादव व संचालन प्रभु नारायण पाण्डेय प्रेमी ने किया। इस अवसर पर संदीप प्रजापति, विरेन्द्र सिंह, विजय कुमार यादव, चन्दन यादव, राज उजागिर पाल, पंकज प्रजापति, आकाश दीप यादव, रविशंकर गुप्ता, काशीनाथ गुप्ता, अखिल पाण्डेय, अशोक कुमार, ज्योति उपाध्याय, विजय नारायण व छेदीलाल आदि कर्मचारी मौजूद रहे।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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