65 वर्ष से अधिक आयु के बंदियों को राहत, सरकार ने किया जेल से रिहाई का फैसला

कोरोना संक्रमण काल में जेल में बंद 65 साल से अधिक आयु वर्ग के बंदियों को सरकार ने पैरोल पर रिहा करने का फैसला किया है। आजमगढ़ जेल में इस आयु के 43 लोग बंद हैं। इनमें से आधे से अधिक लोगों को रिहा करने की योजना पर काम शुरू हो गया है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. जेल में बंद 65 वर्ष से अधिक आयु के बंदियों के लिए राहत भरी खबर है। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने इस आयु वर्ग के बंदियों को पैरोल पर छोड़ने का फैसला किया है। शासन के निर्णय के बाद कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी निर्णय लेगी कि किन बंदियों को छोड़ा जाएगा। इनके द्वारा तैयार सूची शासन को भेजी जाएगी। शासन की संस्तुति के बाद बंदियों को उनके घर भेज दिया जाएगा।

बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इसकी तीसरी लहर को लेकर प्रशासन सतर्क है। गौर करें तो करोना संक्रमण के अब तक ज्यादातर शिकार बुजुर्ग हुए है। ऐेसे में सरकार ने जेलों में बंद 65 साल व उससे अधिक आयु के बंदियों को पैरोल पर रिहा करने का निर्देश जारी किया है।

बंदियों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी, एसपी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक व जेल की संयुक्त कमेटी को करनी है। शनिवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार व पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने जेल पहुंचकर कमेटी के अन्य सदस्यों के साथ बैठक की। यहां जेल में 43 बंदी ऐसे पाए गए जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक थी। घंटों की बैठक के बाद इस आयु वर्ग के करीब डेढ़ दर्जन बंदियों की सूची तैयार की गयी जिन्हें पैरोल पर छोड़ना है।

अब यह सूची शासन को भेजी जाएगी और शासन से अनुमति मिलने के बाद बंदियों को पैरोल पर रिहा किया जाएगा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में कमेटी की बैठक हुई है। इसमें 65 साल से अधिक आयु वाले बंदियों के नामों पर चर्चा की गई है। कमेटी के निर्णय के अनुरूप सूची तैयार करायी जा रही है। जिसे अनुमति के लिए शासन को भेजा जाएगा। शासन ही निर्णय लेगा कि कौन बंदी कितने दिनों के पैरोल पर छोड़ा जाना है यह तय किया जाएगा।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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