आजमगढ़ में रोडवेज की मनमानी को लेकर नहीं कम हो रहा गुस्सा, शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना व अनशन

आजमगढ़ में रोडवेज की मनमानी को लेकर नहीं कम हो रहा गुस्सा, शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना व अनशन

Mohd Rafatuddin Faridi | Publish: Mar, 26 2018 09:31:00 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

रोडवेज की मनमानी रोकने के लिए आजमगढ़ में अनिश्चितकालीन धरना व आमरण अनशन।

आजमगढ़. रोडवेज प्रशासन व चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने, सामाजिक कार्यकर्ता पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को लामबंद हिन्द सेवा दल निषाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशुन निषाद के नेतृत्व में रोडवेज के समीप अनिश्चितकालीन धरना व आमरण अनशन शुरू कर दिया गया। सोमवार को धरने की अध्यक्षता मोतीलाल व संचालन लालजी यादव ने किया।


राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशुन निषाद ने कहा कि रोडवेज के मनबढ़ चालक व परिचालकों द्वारा रोडवेज तिराहे पर बसों को बेतरतीब खड़ी करके अनावश्यक रूप से जाम लगा दिया जाता है। इसके चलते वहां अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त है। तत्काल रोडवेज तिराहे से बसों को हटवाया जा सकें। पांच सूत्री मांगों में नवनिर्मित रोडवेज भवन का उद्घाटन होने के बाद भी बसां का संचालन रोडवेज परिसर से नहीं किया जा रहा है।

 

परिवहन निगम की बसों का संचालन रोडवेज परिसर से व बसों को परिसर में खड़ा किया जाय, शासन द्वारा प्रेशर हार्न पर रोक के बावजूद निगम चालक व परिचालक इसका प्रयोग करते है इसे तत्काल निगम की बसों से हटाया जाय, 16 मार्च को चार घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर हंगामा करने व सामाजिक कार्यकर्ता एसके सत्येन व उनके भाई के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए रोडवेज कर्मी उनके घर में घुसने का प्रयास किया जिसको लेकर उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं किया गया, जो अन्याय है और सामाजिक कार्यकर्ता एस के सत्येन व उनके भाई पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाय, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, शाखा सहदेवगंज, आजमगढ़ में किसानों के एनपीए खातों से बैंक कर्मियों द्वारा नोटबंदी के दौरान किसानों के बगैर हस्ताक्षर के उनके खातों से लेन-देन किया गया, जिससे किसानों को कर्जमाफी से वंचित होना पड़ा है। इसकी जांच करायी जाय और दोषी बैंककर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जाये और किसानों को कर्ज माफी का लाभ दिया जाये, मंडलीय जिला चिकित्सालय, आजमगढ़ में सरकारी चिकित्सकों के चैम्बर में उनके निर्देश पर अवैध तरीके से युवकों को बैठाकर बाहर से दवा लिखवायी जा रही है, ऐसा इसलिए किया जाता है कि डाक्टरों की लिखावट पकड़ी ना जा सकें।

 

यही हाल जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर है। इस तरह सरकारी चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों का उत्पीड़न कर बड़ी धन उगाही पर रोक लगाना शामिल है। निषाद ने कहा कि अगर हमारी मांगों पर आवश्यक कार्यवाही नहीं हुई तो हम विधानसभा तक अपनी आवाज को पहुंचायेंगे। धरने में छविराज निषाद, राकेश गौतम, प्रेम निषाद, लालसा निषाद, हरेन्द्र यादव, राजनाथ यादव, हौसला निषाद, कैलाश यादव, जामवंत यादव, राजीब गौतम, हरिराम, बृजेश, अखिलेश राजभर, कुन्दन यादव, प्रमोद प्रजापति, सोनू निषाद, अमरनाथ यादव, राकेश यादव, धर्मेन्द्र निषाद, मोती चन्द्र निषाद, मो अनीस, द्वारिका निषाद, जितेन्द्र निषाद, इन्दल निषाद, महेन्द्र निषाद, शिव प्रसाद निषाद, जगदीश निषाद, सुल्लुर, निषाद, खुद्दुर निषाद, मोहम्मद अबु बेग, मु अबु सालिम, मु अनीस, मु इमरान, रामनाथ निषाद, राजपति यादव, ओमप्रकाश यादव, राजनाथ यादव, विजय बहादुर यादव, रोहित यादव, योगेन्द्र निषाद, सतिराम यादव, कमलेश, अजीत, अशोक, बबलू निषाद, दयालु, रामकेश, निरही भारती, मनकू निषाद, दीपचन्द्र, कुंवर, हृदयनरायन, अशोक, वंशीलाल, रामचेत, इन्दल निषाद, रामअवध,रामचेत, रमेश, हिमांशु, निषाद, कन्हैया निषाद, दिव्यांशु निषाद, परमानन्द, सीताराम निषाद सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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