... तो इसलिए पूर्वांचल की लाइफ लाइन बनेगा एक्सप्रेस-वे

... तो इसलिए पूर्वांचल की लाइफ लाइन बनेगा एक्सप्रेस-वे

Sunil Yadav | Publish: Jul, 13 2018 04:29:17 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

पुर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित किया जाएगा औद्योगिक क्षेत्र

आजमगढ़. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को यूपी की लाइफ लाइन इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह कई महानगरों को जोड़ेगा। साथ ही इसके किनारे औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा जो बेरोजगारी की समस्या को दूर करने में मदद करेगा। सामरिक दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण साबित होगा। कारण कि सुल्तानपुर के पास एअर स्ट्रिप बनाई जा रही है जिसपर लड़ाकू विमान सहित कोई भी जहाज उतारी जा सकेगी।


340.824 किमी लंबा यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ के चांद सराय जनपद से शुरू होगा और यूपी बिहार की सीमा से 18 किमी पहले गाजीपुर जनपद के हैदरिया में एनएच-31 में मिल जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 23349 करोड़ रूपये है तथा सिविल निर्माण कार्य की लागत 11836 करोड़ रूपये जीएसटी के साथ है। जिलावार देखे तो एक्सप्रेस-वे लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, फैजाबाद, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ मऊ होते हुए गाजीपुर तक जाएगा। एक्सप्रेस-वे के राइट आफ वे की चौड़ाई 120 मीटर होगी। एक्सप्रेस वे के एक तरफ 3.75 मीटर चौड़ाई का सर्विस रोड स्टैगर्ड के रूप में बनाया जाएगा।


एक्सप्रेस-वे पर कुल सात रेलवे ओवर ब्रिज, सात दीर्घ सेतु, 112 लघु सेतु 11 इंटरचेंज, 07 टोल प्लाजा, 4 रैंप प्लाजा, 220 अंडर पास तथा 496 पुलियों का निर्माण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना के लडाकू विमानों की लैंडिंग/टेक आफ के लिए जनपद सुल्तानपुर में 3.2 किमी लंबी हवाईपट्टी का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस-वे को इससे जोड़ा जाएगा।


आजमगढ़ जनपद में यह एक्सप्रेस-वे 99 किमी होगा तथा चार तहसीलों के 112 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए किसानों से कुल 871.67 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसके अलावा 115.13 हेक्टेयर भूमि सार्वजनिक उपभोग की जाएगी। जनपद में एक्सप्रेस-वे फूलपुर, निजामाबाद, सगड़ी और सदर तहसील के 112 गांवों से होकर गुजरेगा। फूलपुर के खड़उरा गांव से जनपद में प्रवेश करने वाला हाईवे सदर तहसील के केरमा गांव से मऊ जनपद में प्रवेश कर जाएगा। सिक्स लेन के इस एक्सप्रेस-वे में कई ग्रीन कारीडोर, इंडस्ट्रियल कारीडोर भी बनाए जाएंगे।

लोगों का मानना है कि इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद पूर्वांचल के विकास को नई दिशा मिलेगी। खासतौर पर कृषि मंडियों के निर्माण और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ने के बाद रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। भाजपाई भी इस प्रोजेक्ट के जरिये जनता के दिल में उतरने का प्रयास कर रहे हैं। यही वजह है कि इसका शिलान्यास समारोह पूर्वांचल के विल्कुल मध्य के जिले आजमगढ़ में रखा गया है। खुद पीएम 14 जुलाई को इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास के लिए पहुंच रहे हैं। सरकार द्वारा दावा किया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट 30 महीने में पूरा हो जाएगा।

By- रणविजय सिंह

Ad Block is Banned