सीएम योगी की पुलिस पर गंभीर आरोप, दुर्ष्कम पीड़ित के इज्जत की लगा रही कीमत

पीड़िता के बहन द्वारा लगाये गये आरोप से फैली सनसनी

By: sarveshwari Mishra

Published: 10 Nov 2017, 07:46 AM IST

आजमगढ़. रौनापार थाना क्षेत्र के पारा गांव के पास गत 13 अक्टूबर की रात स्कार्पियो सवार लोगों द्वारा नहर के किनारे अचेत अवस्था में फेंकी गई 16 वर्षीय किशोरी की चेतना अब तक वापस नहीं लौट है। लेकिन उसकी बहन ने आजमगढ़ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की बहन का आरोप है कि दुष्कर्म की शिकार उसकी बहन जिंदगी और मौत से जूझ रही है लेकिन पुलिस कार्रवाई के बजाया एक या दो लाख लेकर चुप रहने का दबाव बना रही है। अस्पताल परिसर में मीडिया के सामने किये गये इस खुलासे के बाद पुलिस ने चुप्पी साध ली है। कोई अधिकारी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।

 

 

 

 

बता दें कि बीते 13 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे चार-पांच की संख्या में स्कार्पियो से आए युवक 16 वर्षीय किशोरी को अचेत अवस्था में नहर के किनारे फेंककर फरार हो गए थे। इस बात की जानकारी होने पर गांव के लोगों ने स्कार्पियो सवार लोगों का पीछा किया और वाहन का नंबर की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस की घेरेबंदी के बाद भी वाहन सवार भागने में कामयाब रहे। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस अचेत किशोरी को इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल ले आई।

 

 

 

 

 

जिला अस्पताल से रेफर कर दिए जाने पर रातो रात पुलिस पीड़िता को लेकर वाराणसी गई और वहां ट्रामा सेंटर में उसे भर्ती करा दिया। तब से आज तक पीड़ित किशोरी की चेतना नहीं लौट सकी। बीएचयू अस्पताल प्रशासन ने परिजनों से उसे घर ले जाने की सलाह दी। परिजन गत दो नवंबर को पीड़िता के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और यहां उसे भर्ती कराया गया।

 

 

 

 

 

उधर घटना के दूसरे ही दिन पुलिस ने सिधारी थाना क्षेत्र से स्कार्पियो वाहन को कब्जे में लेते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित किशोरी के साथ रेप जैसी कोई बात तो सामने नहीं आई, लेकिन पीड़िता के शरीर पर जख्मों के निशान देख उसके साथ हुई दरिंदगी से इनकार नहीं किया जा सकता है।

 

 

 

 

गुरूवार को इस मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब जिला अस्पताल में पीड़िता की बहन ने पुलिस पर एक या दो लाख रूपये लेकर चुप रहने का दबाव बनाने का आरोप लगा दिया। इस संबंध में जब जन सुनवाई कर रहे एसपी ट्रैफिक से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अपने क्षेत्र का मामला न होने की बात कहकर कुछ बोलने से इनकार कर दिया।

 

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