कार्यकर्ताओं को नहीं रास आ रही कांग्रेस की सोशल इंजीनियरिंग, शुरू हुआ विद्रोह

अजमतगढ़ के कार्यकर्ताओं ने बैठक कर लिया त्यागपत्र देने का फैसला

पार्टी पर लगाया मनमानी और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. यूपी में हाशिए पर पहुंच चुकी कांग्रेस सोशल इंजीनियरिंग के जरिये फिर से पांव जमाने की कोशिश में जुटी है लेकिन पुराने कांग्रेसियों को पार्टी के फैसले रास नहीं आ रहे है। पार्टी द्वारा जारी की गयी ब्लाक अध्यक्षों की सूची के बाद विद्रोह शुरू हो गया है। अजमतगढ़ ब्लाक के गोगा, भीखी साह मंदिर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में ब्लाक अध्यक्ष के मनोनयन पर विरोध जताते हुए पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया। आरोप है कि पार्टी नेतृत्व पुराने लोगों की अनदेखी कर रहा है और बिना राय मशवरा के ही अपनी मर्जी से उनपर नेता थोप रहा है।

बता दें कि कांग्रेस अभी हाल में शहर इकाई की घोषणा की थी। इसके बाद तीन दिन पूर्व ब्लाक अध्यक्षों की सूची जारी की गयी। पार्टी ने 22 ब्लाकों में से छह पर पिछड़ों और दो पर अल्पसंख्यकों को अध्यक्ष बनाया जबकि बाकी पर जातीय समीकरण साधने की कोशिश की। सूची जारी होने के बाद से ही कांग्रेस में विरोध का स्वर उठने लगा है।

अजमतगढ़ ब्लाक में तो बात काफी आगे बढ़ गयी है। स्थानीय नेताओं ने बैठक कर पार्टी के फैसले पर विरोध जताया है। अनुराग विश्वकर्मा ने कहा कि ब्लाक अध्यक्षों के बदले जाने के संबंध में किसी भी सदस्य से राय नहीं मांगी गई। जो पार्टी का कभी भी सक्रिय सदस्य नहीं रहा है उसे ब्लाक अध्यक्ष बना दिया गया। इस तरह के मनमाने फैसले स्वीकार नहीं किये जाएंगे। पार्टी के लिए काम करने वालों की सीधे तौर पर अनदेखी की जा रही है। इसलिए हम सभी ने अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष को भेजने का फैसला किया है।

इस दौरान अनुराग विश्वकर्मा, शैलेंद्र उपाध्याय, रामजन्म यादव, राजेश सिंह, सुधाकर सिंह, जावेद, विकास राय, राम बदन राम, हाशिम रजा, दुर्ग विजय सिंह, संजय श्रीवास्तव, विजय बहादुर सिंह आदि उपस्थित रहे।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned