इनामी अपराधी जयहिंद की मौत से आजमगढ़ पुलिस को मिली राहत

हमेशा मृत अपराधी के निशाने पर रहे सर्राफा व्यापारी

By: sarveshwari Mishra

Published: 05 Aug 2017, 12:37 PM IST

आजमगढ़. मेंहनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को मुठभेड़ के दौरान मारे गए 15 हजार के इनामी अपराधी जयहिंद यादव के सफाए के बाद जिले के व्यापारियों में हर्ष की लहर व्याप्त है। कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने इस अपराधी के मारे जाने से पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। आजमगढ़ पुलिस इस अपराधी के लिए सूचना मिलने ही रह 

D-9 गैंग के नाम से कुख्यात इस गिरोह के सरगना धर्मेंद्र सिंह के मारे जाने के बाद गैंग की कमान सुजीत सिंह उर्फ बुढ़वा के हाथों में चली गई। इन दिनों जेल में बंद अपराधी सुजीत उर्फ बुलावा की गिरफ्तारी के बाद गैंग की कमान जयहिंद यादव संभाल रहा था। गिरोह में सदस्यों की संख्या बढ़ाने तथा असलहे उपलब्ध करने में जुटे जयहिंद यादव के लिए जिले के व्यवसाई निशाने पर रहे। सर्राफा व्यवसायी जयहिंद यादव व उसकी गैंग के लिए साफ्ट टारगेट बने रहे। अभी हाल के दिनों में तरवां व मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में कई सर्राफा व्यवसाइयों को फोन पर रंगदारी के लिए धमकी देकर जयहिंद यादव ने सनसनी फैला दी थी। उसकी धमकी का असर यह रहा कि शाम ढलते ही सर्राफा व्यवसाय से जुड़े लोग अपना कारोबार समेट कर घरों में कैद हो जाने को मजबूर हो गए थे।

इस अपराधी द्वारा गत 10 मई को तरवां क्षेत्र के कंचनपुर बाजार निवासी सर्राफा व्यवसायी मनोज वर्मा की दुकान में घुसकर दिनदहाड़े असलहे के बल पर आठ लाख रुपए की लूट की घटना से व्यवसाइयों में जबरदस्त दहशत बनी रही। इस घटना के बाद पुलिस के रडार पर चढ़ी जयहिंद यादव की तलाश में जिले की क्राइम ब्रांच तथा कई थानों की फोर्स भी लगी हुई थी, जिसका नतीजा रहा कि गुरुवार की दोपहर 15 हजार का इनामी जयहिंद यादव पुलिस मुठभेड़ के दौरान ढेर हो गया। आतंक के इस सफाई के बाद जिले के व्यवसाइयों में खुशी की लहर सी दौड़ पड़ी है।

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