आजमगढ़ बवाल- एसओ निलंबित डीएम ने संभाली कमान

आजमगढ़ बवाल- एसओ निलंबित डीएम ने संभाली कमान
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Ashish Kumar Shukla | Publish: Mar, 24 2016 06:17:00 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

डीएम ने संभाली कमान तो शांत हुआ मामला

आजमगढ. फरीदाबाद दंगे के नियंत्रण की कमान डीएम ने संभाली तो बात बन गयी। दोनों पक्ष कुछ शर्तों के साथ मामला शांत करने पर राजी हो गये। अब इस मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच होगी साथ ही एसओ को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही अगली बार होली के पर्व पर यहां पहले से ही फोर्स की तैनाती की जायेगी ताकि फिर किसी तरह का विवाद न हो। वैसे मौके पर अब भी तनाव दिख रहा है फोर्स के साथ ही आलाधिकारी डटे हुए है।

बता दें कि निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरीदाबाद में नकाबपोश महिलाओं पर रंग डालने को लेकर विवाद शुरू हुआ था जो बाद में हिंसक रूप ले लिया। करीब तीन घंटे तक हुए पथराव में दो दर्जन लोग घायल हुए। दंगे की आग फरिहा कस्बे तक पहुंच गयी थी। यहां भी लोगों ने सड़क जाम कर एक पुलिस वाहन का शीशा तोड़ दिया। सब मिलाकर हालात पूरी तरह बेकाबू था। पुलिस अधिक्षक से लगायत जिले के सारे आलाधिकारी मौके पर थे आधा दर्जन थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी स्थिति को संभालने में लगी थी लेकिन पथराव बंद होने का नाम नहीं ले रहा था। 

अपराह्न करीब 1.30 बजे जिलाधिकारी सुहास एलवाई मौके पर पहुंचे इसके बाद डीएम और एसपी ने किसी तरह दोनों पक्षों के कुछ लोगों को बातचीत के लिए राजी किया। इसके बाद आधे घंटे तक बातचीत चली। एसपी ने थानाध्यक्ष निजामाबाद सुरेश चंद यादव को लाइन हाजिर करने का आश्वासन दिया लेकिन लोग नहीं माने इसके बाद डीएम ने एसओ को निलंबित करने के साथ ही फरिहां चौकी इंचार्ज बृजेश कुमार मौर्य और सिपाही अशोक यादव के खिलाफ कार्रवाई तथा मामले की मजिस्ट्रटियल जांच का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। 

साथ ही लोगों को यह भी आश्वस्त किया कि अगली बार से होली पर्व पर फरीदाबाद में पहले से फोर्स तैनात कर दी जायेगी। वैसे इतने के बाद भी दोनों पक्षों से कुछ लोग नारेबाजी करते रहे लेकिन अपराह्न 1.45 बजे मामला पूरी तरह शांत हो गया। दोनों पक्ष के लोग लौट गये। यातायात व्यवस्था भी सामान्य हो गयी। डीएम, एसपी, एडीएम आदि मौके पर डटे है। क्षेत्र में पीएसी तैनात कर दी गयी है। पुलिस अधीक्षक दयानंद मिश्र ने बताया कि थानाध्यक्ष को निलम्बित कर दिया गया है। अन्य किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी है। रहा सवाल कार्रवाई का तो दोनों पक्षों के अलावा पुलिस के कुछ लोग घायल हुए हैं। मेडिकल के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जायेगी।

चार सेक्टर में बांटा गया क्षेत्र
आजमगढ़। तनाव को देखते हुए दंगा क्षेत्र को चार सेक्टर फरिहां, खोदादादपुर, फरीदाबाद व छाऊं मोड़ में बांटा गया है। इन स्थानों पर डेढ़ सेक्शन पीएसी, चार एसओ व दो सीओ तैनात किये गये हैं। फरिहां एक सेक्शन पीएसी को रिजर्व रखा गया है।

आयुक्त व डीआईजी ने लिया जायजा
आजमगढ़। घटना की जानकारी मिलने पर दोपहर बाद मंडलायुक्त व डीआईजी फरीदाबाद पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली। लोगों से शांति व्यवस्था कायम करने की अपील की। 

पुलिस पर उठ रही उंगली
आजमगढ़। स्थानीय लोग दंगे के लिए चौकी के एक सिपाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। एक पक्ष का आरोप है कि उक्त सिपाही ने लोगों को उकसाया था। उक्त सिपाही की शिकायत एसपी से भी की गयी थी। 

बाल-बाल बचे विधायक
आजमगढ़। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे निजामाबाद विधायक आलमबदी को विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने विधायक वापस जाओ के नारे लगाये। एक व्यक्ति ने हमले का प्रयास भी किया। मौके पर पुलिस रहने के कारण विधायक बाल-बाल बच गये।
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