आजमगढ़ में रिटायर्ड सिपाही की गला रेतकर हत्या, मचा हड़कंप

आजमगढ़ में रिटायर्ड सिपाही की गला रेतकर हत्या, मचा हड़कंप

By: ज्योति मिनी

Published: 16 May 2018, 04:51 PM IST

आजमगढ़. सेवानिवृत्त सिपाही की शाम को पत्नी और बेटे से झगड़ा हुआ और अगली सुबह उसका शव कमरे से बरामद हुआ। सिपाही की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर और सिर पर वजनी वस्तु से प्रहार कर की गयी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के कारण और हत्यारों का सुराग लगाने में पुलिस जुटी हुई है।


महराजगंज थाना क्षेत्र के सैदपुर निवासी लालजी यादव 65 पुत्र साधू यादव यूपी पुलिस में सिपाही थे। वर्ष 2014 में वे गोरखपुर जनपद से सेवानिवृत्त हुए था। बताते है कि उनको अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था जिसके कारण काफी पहले से दोनों अलग रहते थे। पत्नी ने लालजी पर मुकदमा भी किया था जिसके कारण वह मायके में ही रहती थी।


वर्ष 2014 में सेवनिवृत्ति के बाद लालजी गांव आये। 22 जून 2014 को उनका अपने भाई और पड़ोसियों से विवाद हो गया। उस समय पुलिस ने दोनों पक्षों का शांतिभंग में चलान कर दिया था। शाम को एसडीएम के यहां से जमानत मिलने पर जब लालजी वापस लौटे तो उनकी बंदूक, दर्जन भर कारतूस और 5.12 लाख रूपये गायब था। उसी दिन उसने चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जब यह बात मीडिया में आयी तो पुलिस ने बंदूक बरामद कराने के साथ ही दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था।


इस घटना के बाद वर्ष 2015 में लालजी ने घर छोड़ दिया और क्षेत्र के सहदेवगंज मोड़ पर शहजाद पुत्र समीउल्लाह के मकान में रहने लगे। बताते हैं कि मकान में सामने की तरफ शहजाद के घर वालों ने नाई की दुकान की है और पिछले हिस्से में लालजी रहते थे रात के समय वह मकान की देखरेख करते थे।


मंगलवार की शाम शहजाद का पुत्र मुबारक सैलून बंद कर घर चला गया। बुधवार की सुबह नौ बजे जब वह दुकान खोलने आया तो मेन गेट खुला देख अंदर चला गया। कमरे में जाकर देखा तो वहां लालजी की रक्त रंजित लाश पड़ी थी। उसने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लालजी के सिर पर कुदाल से हमला किया गया था। इसके बाद धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया गया था।


मुबारक के मुताबिक मृतक के तीन पुत्र तीन पुत्री है। उसका पुत्र नागेंद्र दस दिन से यहीं उसके पास था। मंगलवार को उसकी पत्नी प्रभावती और पुत्र त्रिलोकी भी वहां आये थे। शाम के समय तीनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा था लेकिन वह दुकान बंद कर चला गया। इसके बाद क्या हुआ उसके बाद क्या हुआ वह नहीं जानता। सुबह जब वह आया तो उसे लालजी की लाश मिली।

input रणविजय सिंह

ज्योति मिनी
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