यूूूूपी की इस सीट पर सपा को नहीं मिल रहा उम्मीदवार...

मुलायम और रमाकांत अन्य के अलावा नहींं जीत सका कोई सपाई

 

By: Ashish Shukla

Published: 10 Feb 2018, 08:20 PM IST

आजमगढ़. उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी काफी मजबूत रही है, लेकिन सूबे का एक क्षेत्र एेेेेसा भी है जहां पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव एवं एक अन्य के अलावा कोई सपाई जीत नहीं दर्ज कर सका। जी हां, हम बात कर रहे हैं आजमगढ़ की। जहां आज सपा को सशक्त उम्मीदवार नहीं मिल रहा।

सन 2014 के चुनाव में सपा ने पहले पूर्व मंत्री बलराम यादव फिर जिलाध्यक्ष हवलदार यादव को टिकट दिया, लेकिन सपा नेतृत्व जानता था कि रमाकांत को हराना उनके इन नेताओं के लिए आसान नहीं है। इसलिए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने खुद मैदान में उतरने का फैसला किया। मुलायम सिंह यादव चुनाव तो जीत गए लेकिन रमाकांत यादव ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। खुद मुलायम को यह कहना पड़ा कि अगर उनका परिवार नहीं लगा होता तो वह चुनाव हार जाते। मुलायम सिंह यादव मात्र 63 हजार से यह चुनाव जीत पाए थे। इस चुनाव में बसपा तीसरे नंबर पर जरूर रही, लेकिन भाजपा और बसपा के मतों के बीच मामूली अंतर था। रमाकांत और मुलायम सिंह के अलावा कोई और नेता अब तक सपा को आजमगढ़ सीट पर विजय नहीं दिला सका। सन 2019 के चुनाव में रमाकांत का भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरना लगभग तय माना जा रहा है। वह चुनाव की तैयारी भी कर रहे हैं। सपा के सामने उस कद का नेता ढूंढने की चुनौती है, जो रमाकांत को मात दे सके। जो कम से कम अभी तो नहीं ही नजर आ रहा। पिछले दो दशक से लगातार विनर अथवा रनर रही बसपा की दावेदारी ऐसे में मजबूत मानी जा रही है।


सपा के साथ नहीं अंसारी कुनबा
बसपा को यहां बाहुबली मुख्तार अंसारी के कुनबे का भी साथ मिलना तय है। यह कुनबा भी सपा केे साथ नहीं है। ऐसे में पूर्व के प्रदर्शन और अंसारी फैक्टर को देखते हुए यह अटकल तेज हो गई है कि सपा की हालत उतनी अच्छी नहीं रहनेवाली।

 

By : रण विजय सिंह

Ashish Shukla
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