दलित गैंगरेप में पुलिस की नाकामी को मुद्दा बनायेगी सपा, पीड़िता के घर जाएगा प्रतिनिधि मंडल

दलित गैंगरेप में पुलिस की नाकामी को मुद्दा बनायेगी सपा, पीड़िता के घर जाएगा प्रतिनिधि मंडल
Gangrape

Sarweshwari Mishra | Updated: 05 Dec 2018, 04:50:22 PM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

आठ दिसंबर को अखिलेश के निर्देश पर पीड़िता के घर पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल, 10 को थाने में देंगे धरना

आजमगढ़. रानी की सराय थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित शिक्षिका और छात्रा के साथ हुई गैंगरेप की घटना में पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तारी न करने से मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां महिला आयोग की टीम पीड़िता के घर पहुंच चुकी है तो आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सपा इसे बड़ा मुद्दा बनाती दिख रही है। सपा के स्थानीय नेता जहां मामले को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं वहीं अब पूर्व सीएम अखिलेश यादव के निर्देश पर घटना की जानकारी लेने सपा के राष्ट्रीय महासचिव इन्द्रजीत सरोज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आ रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पार्टी इसे बड़े आंदोलन का रूप देना चाहती है। कारण कि दलित का होने के कारण पहले से ही चर्चा में और सरकार की खूब किरकिरी हो रही है।

 


बता दें कि रानी की सराय क्षेत्र में कोचिंग से लौट रही शिक्षिका और छात्रा को करीब एक पखवारा पूर्व अगवा कर गैंगरेप किया गया था। इस मामले का पुलिस ने कुछ दिन बाद ही खुलासा कर घटना को फर्जी करार दिया था। इसके बाद से ही विरोध प्रदर्शन जारी है। पहले स्थानीय लोगां ने जुलूस निकाल विरोध प्रदर्शन किया फिर सीएम और डीजीपी को पत्र भेजा। शासन ने ममाले को संज्ञान में लिया तो दोबारा जांच शुरू हुई लेकिन पुलिस अब तक एक भी आरोपी पकड़ा नहीं गया।

 


दो दिन पूर्व पीड़िता का बयान दर्ज करने महिला आयोग की टीम उसके घर पहुंची। टीम ने परिवार के लोगों के साथ ही आसपास के लोगों से भी घटना की जानकारी ली लेकिन अश्वस्थ होने के कारण पीड़िता का बयान नहीं हो सका। टीम ने बाद में बयान की बात कही और लौट गयी।


वहीं दूसरी तरफ सपा इस मामले को लेकर सरकार और पुलिस के खिलाफ लगातार आंदोलन कर चुकी है। लगातार आंदोलन से पुलिस भी बैकफुट पर नजर आ रही है। आने वाले समय में चुनाव है और सपा बसपा किसी भी कीमत पर बीजेपी सरकार को दलित और पिछड़ा विरोधी साबित करना चाहती है।
इसलिए सपाई इसे बड़े आंदोलन का रूप देना चाह रहे हैं। कारण कि पुलिस अब तक इस मामले में कोई सुराग नहीं जुटा पाई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो यह काम उनके लिए आसान भी नहीं है। कारण कि पीड़ित उनके हुलिए से ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही है। केवल हुलिया के सहारे उनकी गिरफ्तारी मुमकिन होती नहीं दिख रही।


वहीं सपा इस ममाले में निरंतर आंदोलन कर रही है। धरना प्रदर्शन, कैंडिल मार्च के बाद अब पूर्व सीएम अखिलेश यादव के निर्देश पर 8 दिसम्बर को 12 बजे राष्ट्रीय महासचिव इन्द्रजीत सरोज के नेतृत्व में पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा एवं एमएलसी रामजतन राजभर सर्किट हाउस पहुंच रहे हैं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के घर जाकर परिजन और गांव के लोगों से मुलाकात कर बातचीत करेगा। इस दौरान जनपद के सभी पूर्व मंत्री और विधायक प्रतिनिधिमंडल के साथ रहेंगे। इसके बादं समाजवादी पार्टी 10 दिसम्बर को 9 बजे रानी की सराय थाने पर धरना देगी।

BY-Ranvijay Singh

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