आखिर क्यों छिपाया जा रहा मुलायम के आजमगढ़ में हुई मौतों का राज 

आखिर क्यों छिपाया जा रहा मुलायम के आजमगढ़ में हुई मौतों का राज 

जिले के देवरांचल में जहरीली शराब से सात लोग असमय काल के गाल में समा गये और आधा दर्जन लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, 

आजमगढ़. जिले के देवरांचल में जहरीली शराब से सात लोग असमय काल के गाल में समा गये और आधा दर्जन लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, लेकिन गांव के पुरूष इतने बड़े हादसे पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे। अब वे पुलिस के डर से चुप थे या फिर काले कारोबार से पर्दा उठने के खतरे को सहमे हुए थे यह तो कह पाना मुश्किल है लेकिन जो कुछ हुआ उससे व्‍यवस्‍था की कलई खुल गई। वैसे गांव की महिलाएं पूरी तरह मुकर दिखी और उन्‍होंने श्‍राब के काले कारोबार के बारे में भी बोलने से कोई गुरेज नहीं किया। पहले अवैध करोबार पर आंख मूंदे रहने वाला प्रशासन भी सक्रिय दिखा, डीआईजी से लेकर एसपी तक देर शाम तक गांव में डटे रहे।


 
बता दें कि जिले में शराब का कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। देवरांचल के अलावा मुबारकपुर, मार्टीनगंज क्षेत्र में यह कारोबार खूब फलफूल रहा है। इसका प्रमाण गुरुवार को जहरीली शराब के सेवन से सात लोगों की मौत से मिलता है। सात लोगों की मौत के बारे में ग्रामीणों द्वारा चुप्पी साध लेना लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। लोग इस बारे में चर्चा करते नजर आए कि क्या मुकामी पुलिस का दबाव रहा या फिर केवटहिया गांव में वर्षों से चल रहे इस काले कारोबार में लिप्त लोगों को बचाने की जुगत।



 
गांव की महिलाएं तो वहां मौजूद लोगों के बीच जोर देकर कह रही थी की जब पूरा गांव कच्ची शराब के धंधे में लिप्त है तो आखिर धंधे में जुड़े लोग किसके बारे में बताएंगे महिलाओं ने एक स्वर से गांव के पुरुषों पर कच्ची शराब के निर्माण का आरोप लगाया साथ ही कहा कि जब पुलिस पैसा वसूलती है तो  यह धंधा आखिर क्यों रुकेगा। कुछ महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि महीना पूरा होते ही गांव में खाकी धारी लोग पहुंचते हैं लेकिन उनके आने का कोई असर इस धंधे में जुड़े लोगों पर नहीं दिखता। कारण कि वह प्रतिमाह शराब बेचने वालों से मोटी रकम वसूल कर चले जाते हैं।




 
गांव में कई लोगों की मौत के बाद शराब के कारोबार से जुड़े लोग इस मामले को दबाने में जुटे रहे और मरने वाले परिवारों को समझा-बुझाकर उन्हें मृतक के अंतिम संस्कार के लिए उकसाते रहे रात में पुलिस जब गांव में पहुंची तो मरने वाले तमाम लोगों के शव घरों में रखे गए थे पहले तो गांव के लोग मौतों के बारे में अनभिज्ञता जाहिर किए लेकिन जब पुलिस ने छानबीन शुरु की तो सच्चाई सामने आ गई और लोगों ने शराब से होने वाली मौतों के बारे में पुलिस को बताया। मामला कई लोगों की मौत से जुड़ा था इसलिए पुलिस भी इस बात से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने में पीछे नहीं रही।
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