दहेज के लिये बेरहम हुए ससुराली, 1 साल के बेटे को छीनकर, विवाहिता को घर से निकाला

चार वर्ष पूर्व हुई थी शादी, पांच माह बाद से ही 3 लाख नगद व चारपहिया वाहन की मांग कर रहे ससुराल वाले

थाने पर नहीं हुई सुनवाई तो पीड़िता ने एसपी से मिलकर मांगा न्याय

आजमगढ़. शादी के बाद तीन लाख रूपये और चार पहिया वाहन की मांग पूरी नहीं हुई तो ससुराल वालों ने महिला से उसके दुधमुहे बेटे को छीन लिया और उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता मायके में गुजर बसर कर रही है। उसने पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एक साल के बेटे की जुदाई से परेशान मां ने मंगलवार को एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगायी।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची महाराजगंज थाना क्षेत्र के जोड़वावकर गांव निवासी पीड़िता ममता विश्वकर्मा पुत्री अरविन्द विश्वकर्मा का आरोप है कि चार वर्ष पूर्व उसका विवाह कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भवानीपट्टी गांव निवासी रामकेश विश्वकर्मा पुत्र इन्द्रदेव विश्वकर्मा के साथ पूरे रीति रिवाज के साथ हुआ था। उसके पिता ने ससुराल वालों को उनकी मांग के अनुरूप दहेज भी दिया था लेकिन शादी के पांच माह बाद ही पति व उसके भाई राजेश, चन्दा, रामअशीष, ससुर इन्द्रदेव, सास तिरथा देवी उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे।


ससुराल पक्ष द्वारा तीन लाख नगद और एक कार की मांग की जा रही है। उसके पिता की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे इस डिमांड को पूरा कर सके। मजबूर होकर उसने इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन थानेदार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी। वह पिता की मजबूरी देख ससुराल वालों उत्पीड़न सहती रही लेकिन हाल में उन्होंने उसके एक साल के बेटे को छीन लिया और उसे घर से निकाल दिया। तब से वह मायके में रहती है। ससुराल वालों का कहना है कि जब तीन लाख रूपये और कार की व्यवस्था हो जाए तभी वापस आना। इस संबंध में उसने लिखित शिकायत थाने में की लेकिन पुलिस ससुराल वालों के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने पर पीड़िता वापस लौटी।

BY Ran vijay singh

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रफतउद्दीन फरीद
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