चिकित्‍सकों की हत्‍या के विरोध में उतरे सामाजिक संगठन, पोस्‍टमार्टम के वीडियोग्राफी की मांग

चिकित्‍सकों की हत्‍या के विरोध में उतरे सामाजिक संगठन, पोस्‍टमार्टम के वीडियोग्राफी की मांग
Protest

कार्यकर्ताओं ने प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग

आजमगढ़. रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकमेउवां गांव रविवार को हुई दो चिकित्‍सकों की हत्‍या से नाराज भारत रक्षा दल सहित दो संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। दोनों ही मृतक भारत के सदस्‍य थे। संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप चिकित्‍सकों का पैनल गठित कर पोस्‍टमार्टम कराने व वीडियोग्राफी कराने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता भी देने की मांग की।

 

भारत रक्षा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने कहा कि मृतक समाजसेवा से जुडे हुए थे। दोनों डा सुदर्शन चैहान ब्लाक अध्यक्ष और डा मुनिराम चैहान भारत रक्षा दल के सक्रिय सदस्य थे। जिस तरह से इनकी हत्या की गयी थी उससे स्पष्ट है कि अपराधियो में कानून के भय नाम की कोई चीज नहीं है।


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हत्यारों ने लोहे के राड और धारदार हथियार से बड़ी बेरहमी से पीट पीट कर मृतको की हत्या की। भारद सदस्यों को सूत्रों से जानकारी मिली है कि हत्यारे इसे हत्याकांड को दूसरी घटना के रूप देना चाहते थे इसके लिए ध्यान भटकाने के लिए इन्होंने खुद से अपनी मड़ईयों के भी जला दिया। साथ ही साथ हत्यारे पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी प्रभावित करना चाहते है। हत्यारों की पहुंच कई बड़े सफेदपोशों तक है लिहाजा पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी तैयार करायी जाये ताकि अपराधियों को कहीं से भी लाभ न पहुंच सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

 

वहीं  हत्या से क्षुब्ध प्रयास संस्था ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए नगर के नरौली स्थित कार्यालय पर बैठक कर दो मिनट का मौन रखकर गतात्माओं की शांति के लिए प्रार्थना किया। अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि पेशे से होम्योपैथिक चिकित्सक, समाजसेवी डा सुदर्शन चैहान सदैव गरीबों के हक हुकूक और रानी की सराय की समस्याओं को लेकर आवाज उठाते थे। अभी हाल ही में रानी की सराय क्षेत्र में संचालित हो रहे कोटे की दुकान में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर उन्होंने मुखर होकर प्रदर्शन किया था।

 

यही बात कुछ मनबढ़ों को नागवार लगी और उन्होंने समाजसेवी डा सुदर्शन चैहान और डा मुनिराम चैहान की नृशंस हत्या कर दिया। जिस प्रकार से हत्यारों ने इस घटना को अंजाम दिया है उससे साफ है कि इन्हें कानून का कोई भय नहीं है। डा सुदर्शन क्षेत्रीय पत्रकारिता से भी जुड़े थे। पत्रकार समाज का प्रहरी है, जब तक स्व चैहान  हत्याकांड का खुलासा नहीं होता है तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।

 

इस अवसर पर शम्भू दयाल सोनकर, शमसाद अहमद, आशुतोष दुबे, अमित दुबे, पिंटू मौर्य, रामजनम मौर्य, आशीष, दिनेश मणि त्रिपाठी, जितेन्द्र चौहान, मनिराम, रामनारायण यादव, अमित गुप्ता, मोहम्मद अफजल आदि सहित सैकड़ों मर्माहत कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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