कानपुर संवासिनी गृह के मुद्दे पर योगी सरकार के खिलाफ खड़ी हुई सपा नेत्रियां, की यह बड़ी मांग

57 लड़कियों के कोरोना पाजिटिव, 7 के गर्भवती व एक के एचआईवी संक्रमित होने पर उठाया सवाल
संवासिनी गृह में तैनात अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गिरफ्तारी की मांग

By: Neeraj Patel

Published: 24 Jun 2020, 03:13 PM IST

आजमगढ़. कानपुर के बाल संवासिनी गृह में 57 लड़कियों के कोरोना पाजिटिव 7 के गर्भवती तथा एक लड़की एचआईवी एड्स पीड़ित मिलने से नाराज समाजवादी पार्टी महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। योगी सरकार को नकारा बताते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेज मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से काराने तथा संवासिनी गृह में तैनात अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर गिरफ्तारी की मांग की।

निवर्तमान जिलाध्यक्ष बबिता चौहान ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार हर मोर्चें पर विफल हो चुकी है। अपराध चरम सीमा पर है। महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा का दम्भ भरने वाले मुख्यमंत्री के शासनकाल में महिलाओं पर जुल्म बढ़ता जा रहा है। कानपुर की घटना सरकार के निकम्मेपन को दर्शाती है। ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा थोथा साबित हो रहा है। उप्र में सरकार बनते ही सीएम योगी द्वारा एंटीरोमियो स्क्वायड, पाक्सो एक्ट जैसा कानून बनाकर महिलाओं को सुरक्षा देने का दावा किया गया लेकिन सरकार की सारी योजना विफल रही।

इस संवेदनशील घटना की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए। सरकार को हिदायत दी जाए कि सरकार किसी भी अपराधी को छुड़ाने के लिए हस्तक्षेप न करे। उक्त संरक्षण गृह में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्जकराकर उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। इस मौके पर बबिता चैहान, गुड्डी देवी, भानुमति सरोज, सपना निषाद, अनीता चैहान, मुन्नी चैहान, उषा चैहान, रीता चैहान, उषा वर्मा आदि उपस्थित थी।

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