प्रशासन के खिलाफ खिलाफ सड़क पर उतरे छात्र, पूछा प्रबंधक गुंडा है तो हमारा क्या कुसूर

माफिया के स्कूल को शिक्षा विभाग ने क्यों दी मान्यता, अब छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों कर रहा प्रशासन

बोले छात्र, हमारा संबंध शिक्षकों से, हमारी शिक्षा में प्रबंधतंत्र का नहीं है कोई हस्तक्षेप

बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कालजों का ध्वस्तीकरण गैर कानूनी बता आंदोलन की दी चेतावनी

माफिया कुंटू सिंह के डिग्री व पालीटेक्निक कालेज को सीज करने से नाराज थे छात्र

अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने दिया भरोसा, मामले की जांच के बाद लिया जाएगा उचित निर्णय

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हत्या के बाद प्रशासन द्वारा माफिया ध्रुव कुमार सिंह कुंटू के दो कालेजों के ध्वस्तीकरण के लिए चस्पा की गयी नोटिस के बाद छात्र आंदोलित हो उठे है। सकड़ों छात्रों ने बुधवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों के ***** पालिश का भी प्रयास किया। छात्रों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि परीक्षा करीब है ऐसे में कालेज सील कर उनकी पढ़ाई ठप करने और उनके भविष्य से खेलने का औचित्य क्या है। अखिर प्रशासन ने गुंडे के कालेज को मान्यता क्यों दी। छात्रों का प्रबंधतंत्र से क्या लेना देना कि वह कौन है। बहरहाल अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर छात्र वापस लौटे। उन्होंने कार्रवाई का फैसला वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

बता दें कि हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हत्या में नाम आने के बाद प्रशासन माफिया कुंटू सिंह पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। प्रशासन द्वारा कुंटू सिंह के रूद्र प्रताप पालिटेक्निक कालेज देउपुर कमालपुर तथा गिरजा शंकर सिंह स्मृति महाविद्यालय खर्रा रस्तीपुर सगड़ी के ध्वस्तीकरण के लिए कालेजों पर नोटिस चस्पा की गयी है। साथ ही विद्यालय को सील कर दिया गया है। कालेजों के छात्र जब कालेज पर पहुंचे तो नोटिस देख सन्न रह गए। छात्रों को लग रहा है कि उनका भविष्य खराब हो जाएगा। यही वजह है कि बुधवार को सैकड़ों की संख्या में छात्र डीएम कार्यालय पहुंच गए।

डीएम से मुलाकात न होने पर छात्रों ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान छात्रों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का ***** भी पालिश करने का प्रयास किया। छात्र विकास यादव, कमलेश प्रजापति, कमलेश मौर्य प्रदीप यादव, रोशन चैहान, हिमांशू, आलोक मौर्य, विनोद राजभर, शिवकुमार, मुकेश, दीपक आदि ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके भविष्य के साथ खेल रहा है। उन्होंने कहा कि कालेजों का प्रबंधतंत्र कैसा है इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। वे सिर्फ कालेज की मान्यता व शिक्षण व्यवस्था को देखकर नामाकांन कराते है। छात्रों का सीधा संबंध प्राचार्य और शिक्षक से होता है। प्रबंधतंत्र से कोई मतलब नहीं होता। हमारी परीक्षाएं सामने हैं और प्रशासन प्रबंधक की वजह से कालेज ढहवा रहा है यह गलत है। प्रशासन कार्रवाई करे लेकिन पहले छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करे। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने छात्रों से ज्ञापन लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

BY Ran vijay singh

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रफतउद्दीन फरीद
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