विश्वविद्यालय निर्माण पर फिर बढ़ा विवाद, सरकार का फैसला शिक्षकों को मंजूर नहीं

विश्वविद्यालय के लिए दूसरी जगह भूमि तलाश का शिक्षकों ने किया विरोध

प्रशासन पर लगाया शासकीय धन के दुरूपयोग का आरोप

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. सीएम योगी को ड्रीम प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय पूरी तरह विवादों में घिर गया है। विश्वविद्यालय के लिए मोहब्बतपुर में चयनित भूमि को लो-लैंड बताकर प्रशासन जहां दूसरी जगह भूमि की तलाश में जुटा है। वहीं शिक्षक विश्वविद्यालय स्थानान्तरण के विरोध में उतर गए है। पिछले तीन दिनों ने शिक्षक लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे है। अब तो भाजपा के जिलाध्यक्ष भी शिक्षकों के साथ नजर आ रहे है। उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया है कि विश्वविद्यालय कहीं और स्थानान्तरित नहीं होगा लेकिन शिक्षकों की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है।

बता दें कि वर्ष 2018 में योगी सरकार द्वारा जिले में विश्वविद्यालय स्थापना को हरी झंडी दी गयी थी। विश्वविद्यालय के लिए भूमि का चयन भी किया जा चुका है। शहर से सटे मुहब्बतपुर में भूूमि चयनित की गयी है। अब इस भूमि को प्रशासन लो-लैंड बता रहा है। प्रशासन का मानना है कि उक्त स्थान पर विश्वविद्यालय बनाने के लिए जहां बहुत अधिक मिट््टी पाटनी होगी साथ ही वहां बांध भी बनाना होगा। इसलिए अब दूसरे स्थान पर भूमि का चयन किया जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों को डर है कि कहीं मेडिकल कालेज की तरह प्रशासन विश्वविद्यालय को भी शहर से दूर न कर दे। इसलिए शिक्षक आंदोलित हैं। इसे लेकिन शिक्षक लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे है। शिक्षकों का कहना है कि तहसील सदर के मोहब्बतपुर में अधिग्रहित भूमि पर ही विश्वविद्यालय बनें, अन्यंत्र स्थापना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। इस संबंध में शिक्षक और छात्रों ने डीएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

आंदोलन की जानकारी होने के बाद भाजपा जिला इकाई के पदाधिकारियों ने भी विश्वविद्यालय के संबंध में डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। भाजपा जिलाध्यक्ष आजमगढ़ सदर ध्रुव सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए पूर्व में चयनित स्थान मुख्यालय के नजदीक है। इसलिए निर्माण वहीं पर होना चाहिए। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया की विश्वविद्यालय पूर्व चयनित जगह पर ही बनेगा।

इस मामले में जिलाधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जिले में राज्य विश्वविद्यालय के स्थापना की घोषणा की गई है। जिसके लिए मोहब्बतपुर में जमीन का चिह्नाकन किया गया है, जो लो-लैंड में है, जिसके कारण वहां मिट्टी की पटाई का कार्य ज्यादा है। इसलिए विश्वविद्यालय स्थापना के लिए शहर के नजदीक किसी अन्य स्थान को चिह्नित किया जा रहा है। कुछ लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई जा रही है कि विश्वविद्यालय अतरौलिया में शिफ्ट कर दिया गया है, जो कि असत्य है। अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि शहर के नजदीक विश्वविद्यालय के लिए जमीन का चिह्नांकन किया जा रहा है।

वहीं एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुजीत भूषण श्रीवास्तव समाजसेवी अनीता द्विवेदी, डा. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, राकेश गांधी, अमित कुमार सिंह, सरोज गिरी, शिवबोधन उपाध्याय, पूनम सिंह, अनामिका सिंह पालीवाल, बृजेश कुमार दुबे, मनिदर सिंह, डीएन सिंह, सत्यजीत श्रीवास्तव, ऋषभ राय, रणविजय सिंह, सतीश सिंह, संतोष पांडेय, शैलेंद्र कुमार, मार्तंड प्रताप सिंह, आलोक कुमार सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है लेकिन लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन इससे खिलवाड़ और शासकीय धन का दुरुपयोगकर रहा है, जिसे जनपदवासी कभी बर्दास्त नहीं करेंगे।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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