समीक्षा में अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली विकास की प्रगति

समीक्षा में अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली विकास की प्रगति

विकास कार्यक्रमों की प्रगति  न पाये जाने पर आयुक्त ने कार्यों में तेजी लाने का दिया निर्देश

आजमगढ़. मण्डलायुक्त आरपी गोस्वामी ने शुक्रवार को डीआईजी के साथ विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान विकास कार्यक्रमों की प्रगति की अपेक्षा के अनुरूप न पाये जाने पर नाराजगी जतायी। कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

मंडलायुक्त ने कहा कि मण्डल में कई विकास कार्यक्रमों की प्रगति अपेक्षानुरूप नहीं है, इसलिए सम्बन्धित अधिकारी इस ओर विशेष ध्यान देकर विकास कार्यक्रमों की प्रगति में और तेजी लायें। उन्होंने कहा कि आवास चयन में कतिपय स्थानों से मानक की अनदेखी व अपात्रों का लाभ देने का मामला प्रकाश में आया है। 

सीडीओ आरोपों की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करें। पशुपालन विभाग की समीक्षा में पाया गया कि मण्डल में कामर्शियल लेयर फर्मिंग तथा माइक्रो कामधेनु योजना की स्थिति सन्तोषजनक नहीं है, जबकि कामधेनु योजना में जनपद मऊ तथा मिनी कामधेनु में आजमगढ़ की स्थिति खराब है। 

इस पर उन्होने सम्बन्धित मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही अपर निदेशक पशुपालन को निर्देश दिया कि व्यक्तिगत रूचि लेकर इन योजनाओं में उपलब्धि शत प्रतिशत सुनिश्चित करें। मण्डलायुक्त ने कामधेनु योजना के अन्तर्गत जनपद मऊ में बैंक स्तर पर बरती जा रही उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी मऊ को निर्देश दिया कि पहले मामले की समीक्षा कर लें तथा आवश्यकतानुसार सम्बन्धित बैंक के खिलाफ कार्यवाही हेतु आरोप पत्र भी तैयार करें। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान विद्युत विभाग के मुख्य अभियन्ता तथा अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देश दिया कि शार्ट सर्किट से लगातार आग लगने की घटनायें हो रही हैं जिससे काफी नुकसान हो रहा है, इसलिए जहां भी तारों के जर्जर होने की शिकायत मिले वहॉं तारों को तुरन्त बदलने की कार्रवाई करें। 

समीक्षा दौरान पाया गया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में जनपद बलिया की उपलब्धि 55 प्रतिशत, मऊ की 69 प्रतिशत तथा आजमगढ़ की 80 प्रतिशत है, जो काफी कम है। इस सम्बन्ध में अपर निदेशक स्वास्थ्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु लगातार भ्रमण कर रही हैं परन्तु परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम होने के कारण लक्ष्य के सापेक्ष्य उपलब्धि प्राप्त नहीं हो पा रही है। इस पर मण्डलायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि विद्यालयों का लगातार निरीक्षण किया जाय तथा छात्रों के साथ ही अध्यापकों की भी शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाय। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि मण्डल में कानून व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जरूरी है कि पुलिस पेट्रोलिंग लगातार की जाय तथा छोटे छोटे मामलों में भी पूरी गंभीरता बरती जाय। 

पुलिस उप महानिरीक्षक डा. उमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि मण्डल में कानून व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था को प्रभावित वालों को किसी भी दशा नहीं बख्शा जायेगा। उन्होने निर्देश दिया कि शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जरूरी है कि लूट, डकैती, हत्या आदि के मामलों में अपराधियों पर नियमानुसार गैंगेस्टर लगाया जाये। टीमें गठित कर पुरस्कार घोषित अपराधियों के विरुद्ध तीजी से कार्रवाई की जाय। 

इस अवसर पर जिलाधिकारी आजमगढ़ सुहास एलवाई, आजमगढ़, बलिया एवं मऊ के पुलिस अधीक्षक क्रमशः दयानन्द मिश्र, मनोज कुमार झा एवं शिव हरि मीणा, अपर आयुक्त अलिन कुमार मिश्र व पीके श्रीवास्तव, संयुक्त विकास आयुक्त हीरालाल, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ महेन्द्र वर्मा, बलिया के.बालाजी, मऊ गिरिजेश कुमार त्यागी, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राजाराम यादव, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. निरंकार सिंह, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण डा. अमृता सिंह, वन सरंक्षक चैतन्य नरायन, उप निदेशक उद्यान अखण्ड प्रताप सिंह, मुख्य अभियन्ता विद्युत पृृथ्वीपाल सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी आरएस त्रिपाठी, उप निदेशक पंचायतीराज जयदीप त्रिपाठी, अपर निदेशक पशुपालन डा. यूपी सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागोें के अधिकारी उपस्थित थे।

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