गांव की तीन लड़कियां पूर्वांचल में महिलाओं के लिए बनी मिसाल

-स्वावलंबी बनने के लिए पेट्रोल पंप पर कर रही हैं नौकरी

-लड़कियां बोली, छोटा या बड़ा नहीं होता कोई काम

-अपने आत्मसम्मान की रक्षा करना सभी जिम्मेदारी

By: Ranvijay Singh

Published: 16 Sep 2021, 02:36 PM IST

पत्रिका न्यूज
आजमगढ़. सरकार द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी (selfreliant) बनाने के लिए किए जा रहे प्रयास का असर दिखने लगा है। खुद को समाज में स्थापित करने तथा बराबरी का दर्जा हासिल करने के लिए महिलाएं आगे आने लगी है। निजी क्षेत्र हो या सरकारी हर क्षेत्र में महिलाओं की भागेदारी रही है लेकिन आजमगढ़ जिले में तीन लड़कियां ऐसी है जो जिले ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल की महिलाओं के लिए नजीर बन गयी है। वे शिक्षा के साथ ही पेट्रोल पंप (work at petrol pump) पर कस्टमर अटेंडर (customer attendant) का काम कर अपने परिवार का भरण पोषण भी कर रही हैं।

नगर के सिविल लाइन स्थित भारत पेट्रोल पंप पर आप वाहन में पेट्रोल डलवाने जाएंगे तो यहां कस्टमर अटेंडर (customer attendant) के रूप में कंचन, सुमन व स्वाति मिलेगी। इन्हें देख आपको थोड़ा अचरज होगा लेकिन आत्मविश्वास (Confidence) से भरी ये युवतियां नोजल लिए पूछती हैं सर आपके वाहन में कितना पेट्रोल डालें। ये अन्य कर्मचारियों की तरह दक्षता से अपनी ड्यूटी पूरी करती हैं। कंचन, सुमन व स्वाती ने यह धारणा बदलने की कोशिश की है कि महिलाएं, शिक्षिक, बैंक अथवा ऑफिस जैसे कामों के लिए ही ठीक है।

बिलरियागंज की रहने वाली ये तीन युवतियां पेट्रोल पंप पर कस्टमर अटेंडर (customer attendant) बन उस फील्ड में पैर जमाया है जहां सिर्फ पुरुषों को ही देखा जा रहा है। बेझिझक न सिर्फ वह यह कार्य आजीविका चला रही हैं बल्कि उन्होंने अन्य युवतियों व महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सामने ला दिए हैं।

तीनो युवतियां इस कार्य को गर्व और संतुष्टि के साथ करती हैं। पंप संचालक व साथी कर्मचारियों के सहयोग के कारण कार्य स्थल में मिले स्वस्थ वातावरण ने उनके आत्मविश्वास को और बढ़ा दिया है। उनका मानना है कि कोई कार्य छोटा-बड़ा नहीं होता। मायने यह बात रखती है कि आपका स्वाभिमान और सम्मान जिंदा रहना चाहिए।

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