गैर इरादतन हत्या के दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा

-कोर्ट ने प्रत्येक पर लगाया 1.30 लाख का जुर्माना

By: Ranvijay Singh

Published: 15 Sep 2021, 10:08 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 कारावास एवं प्रत्येक पर एक लाख तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माने की संपूर्ण धनराशि मृतक की पत्नी सीता देवी को देने का आदेश दिया है। वहीं अदालत ने मृतक के पांच नाबालिग बच्चों को ध्यान में रखते हुए मृतक की पत्नी और उसके छोटे-छोटे बच्चों को भरण-पोषण के लिए राज्य सरकार से प्रतिकर देने की संस्तुति की है।

इसके लिये विधिक सेवा प्राधिकरण से आग्रह किया है कि वह इस संबंध में कार्यवाही करें। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन जैनेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने बुधवार को सुनाया। मुकदमें के अनुसार मुकेश सुरेश चंद्र सोनी निवासी माहुल थाना अहरौला 8 मार्च 2017 की रात लगभग 8.15 बजे अपने घर खाना खा रहा था। तभी उसका पड़ोसी अनिल सोनी व अरुण सोनी पुत्रगण घनश्याम सोनी ने सुरेश चंद्र सोनी को बुलाया। जैसे ही सुरेश चंद्र ने दरवाजा खोला अनिल सोनी व अरुण सोनी गाली गुप्ता देते हुए सुरेश चन्द्र को मारने पीटने लगे।

घायल सुरेश चंद सोनी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौला पर ले जाया गया। जहां से उसे सदर अस्पताल आजमगढ़ फिी बीएचयू के लिए रेफर किया गया। बीएचयू में उपचार के दौरान 9 मार्च 2017 की रात सुरेश चंद्र की मृत्यु हो गई। इस मामले में पुलिस ने जांच करने के बाद अरुण सोनी तथा अनिल सोनी के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा ने मुरली राम, सीतादेवी, मेवालाल, सुनीता सोनी, कांस्टेबल मुंशी सुजीत कुमार यादव, विवेचक अनिल प्रकाश सिंह, उप निरीक्षक धनंजय कुमार, डॉ. अजय कुमार, डॉक्टर मनोज कुमार पाठक, इंस्पेक्टर चंद्र भास्कर द्विवेदी, श्रीकांत चतुर्वेदी तथा अजय कुमार यादव को बतौर गवाह कोर्ट में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलील व गवाहों को सुनने के बाद कोर्ट द्वारा आरोपियों को सजा सुनाई गयी।

Ranvijay Singh
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