आजमगढ़ में शीला दीक्षित का विरोध, दिखाया गया काला झंडा 

आजमगढ़ में शीला दीक्षित का विरोध, दिखाया गया काला झंडा 
sheila dikshit protest in azamgarh

शीला के विरोध में लगा नारा- 70 साल हम बेकार,  इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार

आजमगढ़. मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताते हुए उलेमा कौंसिल कार्यकर्ताओं ने युवा प्रदेश उपाध्यक्ष नुरूलहोदा के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को काला झंडा दिखाया। इस दौरान 70 साल हम बेकार इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार का नारा लगाया। पुलिस ने नुरूलहोदा सहित आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। देरशाम तक उन्हें कोतवाली में बैठाया गया था। 


बता दें कि उलेमा कौंसिल कार्यकर्ताओं को पहले से ही पता था कि पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित शिब्ली एकेडमी जायेंगी। नुरूलहोदा के नेतृत्व में रविवार की सुबह से ही कार्यकर्ता शिब्ली कॉलेज गेट पर जमा थे। शीला दीक्षित का वाहन जैसे ही कॉलेज गेट के पास पहुंचा कार्यकर्ताओं ने काला झंडा दिखा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 


मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। बहरहाल पुलिस उन्हें कोतवाली ले आयी। प्रदेश उपाध्यक्ष नुरूलहोदा ने कहा कि कांग्रेस 27 साल यूपी बेहाल यात्रा निकाल रही है। शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया गया है। जबकि जब वे दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं तो कहती थी कि यूपी व बिहार वाले दिल्ली में आकर गंदगी फैला रहे हैं। ऐसे में यूपी की गंदगी अब उन्हें कैसे रास आ रही है। 



उन्होंने कहा कि आजमगढ़ की धरती को शिब्ली नोमानी, राहुल संकृत्यायन, हरिऔध आदि के नाम से जाना जाता है। इस ऐतिहासिक जिले को आतंकगढ़ व नर्सरी की उपाधि देने वाली शीला दीक्षित समाज में मैसेज क्या देना चाहती हैं। दिल्ली के बटला इनकाउंटर में आजमगढ़ के दो नौजवान मारे गये लेकिन इन्होंने इसकी जांच की भी जरूरत नहीं समझी। 



उन्होंने कहा कि 70 साल में अगर देश व प्रदेश का युवा बेकार है तो उसके लिए सिर्फ व सिर्फ कांग्रेस जिम्मेदार है। कारण कि सबसे ज्यादा शासन इन्होंने किया। दलित मुसलमानों का आरक्षण रोक कर एक साजिश के तहत कांग्रेस ने इन्हें राजनीतिक, शैक्षिक, आर्थिक तौर पर पीछे ठकेल दिया। इसके लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह 2012 के चुनाव में हमने पूरे प्रदेश में राहुल गांधी को दौड़ाया था और विरोध किया था, उसी तरह शीला का भी विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर शाबिर खान, आजम, हमजा, सद्दाम, हाफिज वसीम, मेराज खान, दानिश, मुगनी, अभिषेक राय, कमलेश, ज्ञानेश्वर, सुजीत पांडेय, दिलशाद, सहबाज आदि उपस्थित थे।
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