आजमगढ़ की पांच सीटों पर सपा, चार  बसपा और एक सीट भाजपा को 

आजमगढ़ की पांच सीटों पर सपा, चार  बसपा और एक सीट भाजपा को 
akhilesh

आजमगढ़ जीतने के लिए सभी दलों ने झोंकी थी ताकत 

आजमगढ़. पिछले चुनाव के बाद से ही सपा और मुलायम सिंह के गढ़ कहे जाने वाले आजमगढ़ में अखिलेश यादव का बड़ा झटका लगा है। पिछली बार 10 में से नौ सीटें जीतकर सपा ने यहां परचम लगराया था जबकि बसपा को एक और भाजपा को एक भी सीटें नहीं मिली थी। इस बार भाजपा ने अपना खाता खोलते हुए एक सीट पर जीत दर्ज की तो बसपा ने बड़ी सेंधमारी करते हुए 4 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। 



जानिये किस सीट पर कौन जीता

अतरौलिया सीट से समाजवादी पार्टी से डा० संग्राम यादव जीते

आज़मगढ़ सीट से समाजवादी पार्टी से दुर्गा प्रसाद जीते     

गोपालपुर सीट से समाजवादी पार्टी से नफीस अहमद जीते

दीदारगंज सीट से बहुजन समाजवादी पार्टी से सुखदेव राजभर जीते

निज़ामाबाद सीट से समाजवादी पार्टी से आलमबदी जीते

फूलपुर पवई सीट से भाजपा से अरूण कुमार यादव चुनाव जीते

मुबारकपुर सीट से बहुजन समाजवादी पार्टी से शाह आलम उर्फ गुडडू जमाली जीते

मेंहनगर सीट से समाजवादी पार्टी से  कल्पनाथ पासवान जीते

लालगंज सीट से बहुजन समाजवादी पार्टी से आजाद अरि मर्दन जीते

सगड़ी सीट से बहुजन समाजवादी पार्टी से बंदना सिंह जीतीं



चप्पे-चप्पे पर रही जवानों की निगहबानी
जनपद की दस विधानसभा सीटों पर बीते चार मार्च को हुए मतदान के बाद सुरक्षा के कड़े पहरे में रखी गई ईवीएम मशीनों की निगरानी के लिए पैरामिलिट्री फोर्स लगाई गई थी। मतगणना के दिन भी दोनों स्थानों पर अर्धसैनिक बलों के जवानों का कब्जा रहा। तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे से मतगणना कार्यक्रम शुरू हुआ। नगर से सटे रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में होने वाली पांच विधानसभा सीटों की मतगणना के लिए तीन स्थानों पर बैरियर लगाए गए थे। मतगणना स्थल की बाहरी सुरक्षा नागरिक पुलिस के कंधों पर थी, तो मतगणना स्थल के अंदर की व्यवस्था पैरामिलिट्री फोर्स के जवान संभाल रखे थे। उनकी देखरेख में मतगणना स्थल पर पहुंचने वालों को सर्वप्रथम डोर मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ा था। साथ ही पूरे शरीर की तलाशी देने के बाद लोग मतगणना स्थल के मुख्य गेट से अंदर प्रवेश कर रहे थे। अंदर जाने वालों को मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी थी। जिला प्रशासन ने मीडिया सेंटर तक जाने वाले खबरनवीसों को मोबाइल फोन साथ रखने की छूट मिल सकी थी। मतगणना स्थल पर बने मीडिया सेंटर तक मोबाइल ले जाने वालों के लिए उनका सेलफोन आफत की पुड़िया बन गया था। जीत-हार का परिणाम जानने के लिए मीडिया कर्मियों के शुभचिंतक उन्हें परेशान कर रखे थे।



2012 में सपा का बजा था डंका

पिछले विधान सभा चुनाव की बात करें तो सपा की   लहर में पूरी तरह से यह जनपद सपामय था। यहां से सपा ने 9 सीटें जीती थी जबकि एक सीट बसपा ने जीती थी। 





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