सीएम योगी को चार साल बाद आयी पैरा मेडिकल कालेज की याद, मांगा प्रस्ताव

अखिलेश यादव की सरकार में 2016 में स्वीकृत हुआ था पैरा मेडिकल कालेज

सरकार ने निर्माण में नहीं दिखाई रुचि, मंत्री और जिलाध्यक्ष के पत्र के बाद जागी सरकार

प्रस्ताव को स्वीकृति मिली तो पूर्वांचल का यह पहला पैरा मेडिकल कालेज होगा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. मंत्री, विधायक और जिलाध्यक्ष के दबाव के बाद ही सही लेकिन चार साल बाद योगी सरकार को आजमगढ़ में प्रस्तावित पैरा मेडिकल कालेज की यादव आ गयी है। सरकार ने जिले में पैरा मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव मांगा है। हालांकि इसके लिए 2016 में सपा सरकार में यह परियोजना स्वीकृत हुई थी। उस समय राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर के पास 20 एकड़ भूमि का चयन किया गया था। राजकीय निर्माण निगम ने इसके निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दिया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली जिसके कारण परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब अगर शासन से मंजूरी मिल जाती है तो यह पूर्वांचल का एकलौता पेरा मेडिकल कालेज होगा।

बता दें कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आजमगढ़ जनपद हमेशा से सरकारों की उपेक्षा का शिकार रहा है। वर्ष 2005 में मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ में सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल एवं मेडिकल कालेज की नींव रखी थी लेकिन सरकारों की उपेक्षा के चलते इसका निर्माण पूरा होने में आठ साल लग गए। वर्ष 2012 में यूपी में अखिलेश यादव की सरकार बनने के बाद 2013 में इसका कार्य पूरा हुआ लेकिन आज भी यहां संसाधनों का भारी आभाव है। विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी के कारण अस्पताल का होना न होना एक जैसा है।

अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमत्रित्व काल में यहां पैरामेडिकल कालेज की स्थापना की कवायद शुरू किये। शासन पैरा मेडिकल कालेज की स्वीकृति के बाद सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल एवं राजकीय मेडिकल कालेज के पास ही किसानों की 20 एकड़ जमीन चिन्हित की गयी। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को बनाया गया तो उसने डीपीआर तैयार कर अक्तूबर 2016 में शासन को भेज दिया। कार्यदायी संस्था ने शासन को उस समय 283.17 करोड़ रूपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था लेकिन सरकार ने इसपर ध्यान नहीं दिया और परिणाम रहा कि पैरा मेडिकल कालेज की फाइल दबकर रह गयी।

वर्ष 2017 के में यूपी में बीजेपी की सरकार बनी तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ को सर्वोच्च प्राथमिकता वाला जिला बताया लेकिन उन्होंने भी इस दिशा में ध्यान नहीं दिया। स्थानीय लोगों ने मामला उठाया तो वन मंत्री दारा सिंह चैहान, एमएलसी यशवंत सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा ध्रुव कुमार सिंह ने शासन को पत्र लिखा लेकिन बात नहीं बनी। इसी बीच दिसंबर 2020 में न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री को पत्र भेज कर पैरा मेडिकल कालेज का निर्माण जल्द शुरू कराने की अपील की।

इसके बाद शासन ने मामले को संज्ञान लिया और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने अपर मुख्य सचिव को निर्देशित किया किया पैरा मेडिकल कालेज के लिए दोबारा प्रस्ताव मांगा जाय। इसके बाद राजकीय मेडिकल कालेज के प्रार्चाय डॉ. आरपी शर्मा से दोबारा प्रस्ताव मांगा गया है। अब शासन को पुनः प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है। अगर शासन प्रस्ताव को स्वीकृत करता है और पैरा मेडिकल कालेज का निर्माण होता है तो यह पूर्वांचल का पहला पैरा मेडिकल कालेज होगा। इस संबंध में प्राचार्य का कहना है कि प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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