बाहुबली मुख्तार अंसारी को पेशी पर नहीं ला पाई आजमगढ़ पुलिस यह रही खास वजह

गैंगेस्टर कोर्ट ने मुख्तार को कोर्ट में पेश करने का दिया था निर्देश

तरवां में ठेकेदारी को लेकर मजदूर की हत्या के मामले में विधायक पर लगाया गया है गैंगेस्टर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. पंजाब के रोपड़ जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को गैंगेस्टर मामले में आजमगढ़ कोर्ट में लाकर पेश करने की पुलिस की मंशा पूरी नहीं हो सकी। अब अगले चार हफ्ते तक मुख्तार रोपण जेल में ही रहेंगे जिसके कारण पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। एक पखवारे में यह दूसरा मौका है जब पुलिस मुख्तार को आजमगढ़ लाने में नाकाम रही है। पुलिस का दावा है कि चार सप्ताह बाद वह फिर मुख्तार को आजमगढ़ लाने का प्रयास करेगी।

बता दें कि बाहुबली मुख्तार अंसारी का पूर्वांचल में हमेशा से वर्चश्व रहा है। असलहा तस्करी से लेकर ठेकेदारी तक में मुख्तार गिरोह के लोग शामिल रहे हैं। मुख्तार ने हमेंशा ही दहशत फैलाकर वर्चश्व कायम करने की कोशिश की।

वर्ष 2014 में फरवरी माह में तरवां थाना क्षेत्र के ऐरा कला पोखरा के पास निर्माण कार्य चल रहा था। उस समय मुख्तार गैंग ने दहशत फैलाने व ठेकेदारी में अपना वर्चश्व कायम करने के लिए यहां अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की थी। गोलीबारी में बिहार प्रांत के गया का रहने वाला मजदूर राम इकबाल पुत्र मोहन घायल हो गया था। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी थी। उस समय इस मामले में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी।

पुलिस ने जब मामले की विवेचना की तो पता चला पूरा खेल मुख्तार अंसारी गैंग का था और वादी मुकदमा भी इस हत्याकांड में शामिल था। इस मामले में पुलिस ने मुख्तार अंसारी व उनके आठ गुर्गो के खिलाफ एफआईआर तरमीम कर कार्रवाई की थी। उसी मामले में आठ अक्टूबर को पलिस ने विधायक मुख्तार अंसारी व उनके आठ गुर्गो के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी।

इसकी विवेचना मेंहनगर थानाध्यक्ष प्रशांत श्रीवास्तव को सौंपी गयी है। पिछले दिनों गैंगस्टर कोर्ट से मुख्तार के खिलाफ वारंट जारी कर 22 अक्टूबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था लेकिन पेशी की तिथि के पहले ही मुख्तार ने बीमार होने की बात कहते हुए अपना मेडिकल लगा दिया था, जिसके चलते मुख्तार की 22 अक्टूबर को जिले के गैंगेस्टर कोर्ट में पेशी नहीं हो सकी थी।

पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने पुनः मुख्तार की पेशी के लिए प्रयास शुरू किया। इसके तहत विवेचक प्रशांत श्रीवास्तव को बुधवार को पंजाब के रोपड़ जिला भेजा गया था। मुख्तार को पेशी पर लाने के लिए एसओ ने जेल पर आवेदन किया तो पता चला कि मुख्तार ने पीजीआई चंडीगढ़ का चार सप्ताह का मेडिकल पुनः लगा दिया है। ऐसे में जिले से गई टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा। थानाध्यक्ष प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि मेडिकल के कारण मुख्तार की पेशी गैंगेस्टर कोर्ट में चार सप्ताह बाद ही संभव हो सकेगी।

इस मामले में पुलसि अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि मुख्तार को गैंगेस्टर कोर्ट में पेश किया जाना है। जिसके लिए चार दिन पूर्व टीम भेजी गई थी। टीम के वहां पहुंचने पर पता चला कि मुख्तार ने पुनः चार सप्ताह का मेडिकल लगा दिया है। जिसके चलते टीम वापस लौट आई है। अब चार सप्ताह बाद उसे पेशी पर लाने का प्रयास किया जाएगा।

BY Ran vijay singh

Show More
रफतउद्दीन फरीद
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned