आजमगढ़ में बेरहमी से की गयी सुनील सिंह की हत्या, गवाही के डर से भयभीत थे आरोपी

आजमगढ़ में बेरहमी से की गयी सुनील सिंह की हत्या, गवाही के डर से भयभीत थे आरोपी

Ashish Shukla | Publish: Oct, 13 2018 10:03:41 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

फरार हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं

आजमगढ़. अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर काली मंदिर के समीप शुक्रवार की रात को हुई सुनील हत्याकांड का मुख्य कारण पट्टीदारों से चल रही आपसी अदावत बताया जा रहा है। इस हत्याकांड में शामिल हमलावरों की तलाश में पुलिस दूसरे दिन भी जुटी रही। मृत व्यक्ति के भाई की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं हत्या की घटना को लेकर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। फरार हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं।

शंभूपुर गांव निवासी 48 वर्षीय सुनील सिंह उर्फ गुड्डू पुत्र स्व. त्रिपुरारी का अपने पट्टीदार विनोद, मनीष से काफी अर्से से रंजिश चल रही है। शुक्रवार की रात को लगभग आठ बजे सुनील गांव स्थित काली मंदिर पर चल रहे रामायण-कीर्तन व भंडारा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे। उसी दौरान पट्टीदार भी मौके पर आ गए। आमने-सामने होने पर उनमें कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। इस बीच पट्टभ्दारों ने असलहे से ताबड़तोड़ गोली मारकर सुनील की हत्या कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से मंदिर के पास मौजूद लोग दहल गए और वे जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए।

हत्या की खबर मिलते ही एसपी ग्रामीण एनपी सिंह के साथ अहरौला समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतक सुनील के भाई अरोवद की तहरीर पर पुलिस ने पट्टीदार मनीष, अवनीश पुत्रगण सूर्य नरायन, विनोद सिंह व प्रमोद पुत्रगण पुरुषोत्तम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इधर घटना के बाद से ही आरोपित व उनके परिवार के सभी पुरुष सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए हैं। एसपी ग्रामीण ने फरार हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए स्वाट, सर्विलांस, क्राइम ब्रांच व अहरौला थाना की तीन टीमें गठित की हैं। पुलिस की गठित टीमों ने कई स्थान पर छापेमारी की, लेकिन हमलावर दूसरे दिन भी पुलिस पकड़ से दूर रहे।

इस हत्या को लेकर जहां गांव के लोग दहशत में हैं, वहीं गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। सुनील की हत्या में शामिल चारों नामजद आरोपितों के खिलाफ पूर्व में ही अपहरण व दुराचार का भी मुकदमा दर्ज हैं। एसपी ग्रामीण एनपी सिंह ने छानबीन के बाद दोनों पट्टीदारों के बीच रंजिश काफी अर्से से चल रही है। मृत सुनील की भाभी के साथ वर्ष 2016 में दुराचार हुआ था। इस दुराचार के मामले में सुनील की पीड़ित भाभी ने पट्टीदार मनीष , अवनीश, विनोद व प्रमोद सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। दुराचार के मुकदमे में कोर्ट द्वारा इसी माह 18 अक्टूबर को फैसला सुनाए जाने की तारीख निर्धारित है। इस मुकदमेबाजी को लेकर अक्टूबर 2017 को सुनील के बड़े भाई अरविंद सिंह का अपहरण कर लिया गया था।

पति के अपहरण के संबंध में मृत सुनील की भाभी ने उक्त चारों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अपहरण के इस मुकदमे में गिरफ्तार किए गए उक्त चारों आरोपित छह माह बाद जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर आ गए थे। एसपी ग्रामीण का कहना है कि इसी सब घटना के प्रतिशोध में ही सुनील की हत्या की गई है। हत्या से परिवार में दूसरे दिन भी मचा हुआ था।

Ad Block is Banned