आजमगढ़ में मूर्ति विसर्जन को लेकर बवाल, पुलिस लाठीचार्ज में दर्जनों घायल

Ashish Kumar Shukla | Publish: Oct, 20 2017 06:43:42 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

दारोगा सहित तीन के खिलाफ की निलंबन की कार्रवाई, भाजपा नेता हिरासत में, पत्रकारों पर भी बरसी लाठी, छीन लिया मोबाइल

आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के दाउदपुर गांव में शुक्रवार को मूर्ति विसर्जन को लेकर दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। इस दौरान जहां प्रतिमा टूट गयी वहीं विसर्जन का विरोध कर रहे पक्ष द्वारा जमकर फायरिंग की गयी। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीण उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद प्रतिमा विसर्जन की जिद पर अड़ गये। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें दर्जन भर लोग घायल हो गये। इस दौरान पुलिस ने पत्रकारो को भी दौड़कर पीटा और उनका मोबाईल भी छीन लिया। पुलिस ने भाजपा नेता सहित आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है। वहीं मौके पर ही एसपी ने एक दारोगा सहित तीन लोगों को निलंबित करने की बात कही।

 


इसी बीच पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी मौके पर पहुंचे और स्थिति बिगड़ती देख लाठीचार्ज करा दिया। लाठीजार्च मे दर्जन भर लोग घायल हो गये। वहीं फोटो खींचने की कोशिश ंकर रहे पत्रकारों को भी पुलिस ने नहीं छोड़ा। दो पत्रकारो को जहां पीटा गया वहीं उनकी मोबाइल भी छीन ली गई। इसके बाद शाम करीब चार बजे कड़ी सुरक्षा के बीच बेरमा पुल के पास तमसा नदी में प्रतिमा का विर्सजन कराया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया ि क इस मामले में बीट के दारोगा जितेंद्र कुमार राय व दो सिपाही कल्पनाथ और धर्मेंद्र के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जायेगी। पुलिस ने भाजपा नेता जयप्रकाश पांडेय सहित आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गयी है।

बताते हैं उक्त गांव में दिपावली पर्व पर लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गयी थी। शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे लोग प्रतिमा को विसर्जन से पहले गांव में घुमा रहे थे। तभी दूसरे वर्ग के लोगों ने रास्ते में चारपाई आदि रखकर रास्ता रोक दिया। विरोध करने पर उक्त लोग हाथापाई पर उतर गये और फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान गणेश जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गयी। पूजा समिति के लोगों का आरोप है कि प्रतिमा जानबूझ कर तोड़ी गयी।


बात आगे बढ़ती इससे पहले ही किसी ने पुलिस को फोन कर दिया और फोर्स मौके पर पहुंच गयी। पुलिस की देख रेख में विर्सजन की प्रक्रिया शुरू हुई। अभी प्रतिमा गांव के बाहर ही पहुंची थी कि महिलाओं ने प्रतिमा रोक ली और एफआईआर के बाद ही मूर्ति विसर्जन की जिद पर अड़ गई। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों को समझाकर विर्सजन के लिए तैयार किया ही था कि तभी लोगों को पता चला कि दूसरे पक्ष के लोगों ने एक महिला को दौड़ लिया है। इसके बाद कुछ लोग गांव की तरफ भागे तो कुछ ने मूर्ति विसर्जन से मना कर दिया।

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