आजमगढ़ में फिर बदरंग ने हो होली का रंग, यह है वजह 

आजमगढ़ में फिर बदरंग ने हो होली का रंग, यह है वजह 

मतदान के बाद हिंसा से आशंकित है बुद्धजीवी वर्ग...

आजमगढ़. जिले में विधानसभा चुनाव शनिवार को मारपीट की छिटपुट घटनाओं के साथ संपन्न हो गया। लोगों को अब मतगणना परिणाम का इंतजार है। हार-जीत की गुणा-गणित में लगे प्रत्याशी तो एक-दूसरे को बधाई देने जैसी रस्म अदायगी शुरू कर चुके है। लेकिन उन्हीं के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में साथ न देने वालों को दुश्मन मान बैठे हैं। अतरौलिया, रानी की सराय, भादों, तमौली कई स्‍थानों पर मारपीट की घटनाएं हो चुकी है। चूंकि मतगणना होली से मात्र दो दिन पहले है। इसलिए यह आशंका और बढ़ गई है, कि एक दूसरे से बदला लेने के लिए लोग इस त्‍योहार का फायदा उठा इसके रंग को बदरंग कर सकते हैं। पिछले होली पर जिस तरह मामूली विवाद ने दंगे का रूप लिया था उसके बारे में सोच लोग अभी से सहमें हुए हैं।


इस बात को लेकर जनपद के प्रबुद्धजन किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित नजर आ रहे हैं। लोगों का यह कयास भी चिंतन करने योग्य है। लोगों का कहना है कि इसके लिए जिले की जनता के साथ ही कानून व्यवस्था को मजबूत रखने वाले रहनुमाओं को भी सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि चुनाव परिणाम के बाद जनपद में कानून-व्यवस्था पूर्व की भांति मजबूत स्थिति में हो सकती है। कारण की गैर जनपदों में चुनाव संपन्न कराने के लिए गई फोर्स तब तक अपने बैरकों में लौट चुकी होगी लेकिन चुनाव परिणाम के दूसरे ही दिन 12 मार्च को होलिका दहन और दूसरे दिन धुलहड्डी का पर्व कहीं चुनावी हिंसा के लिए बहाना ना बन जाए। इसके लिए प्रशासन को भी पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।


वर्तमान समय में विधानसभा चुनाव को लेकर कई जगहों पर चुनावी झड़पों के मामले प्रकाश में आए। शनिवार को संपन्न हुए मतदान के दिन अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बढ़या तथा फूलपुर-पवई विधानसभा क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में हुई चुनावी मारपीट और तनाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क नजर आया। अतरौलिया क्षेत्र में चुनावी बवाल के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में तो कर लिया लेकिन उग्र भीड़ ने थाने पर पथराव करने के साथ ही सरकारी बसों की तोड़-फोड़ कर अपने उग्र तेवर के बारे में कानून व्यवस्था को आगाह कर दिया है।


हालांकि इन दोनों घटनाओं में पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है लेकिन अब उसे और सतर्क रहना होगा। इसी तरह सदर सांसद व सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के सदर विधानसभा क्षेत्र में गोद लिए गए गांव तमौली में मतदान के दिन हुई चुनावी झड़प के दूसरे दिन सपा समर्थकों द्वारा दलितों के साथ की गई मारपीट व तोड़फोड़ की घटना को लेकर तत्काल सक्रिय हुई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया लेकिन इस घटना को लेकर गांव के दो पक्षों में अभी भी तनाव बरकरार है।


ऐसे में पुलिस को सुरक्षा के बाबत कड़ी निगहबानी करनी होगी। खैर अमन और शांति के लिए जाना जाने वाला  यह जनपद कहीं चुनावी हिंसा की आग में सुलग ना जाए इसके लिए सभी वर्ग के लोगों को सतर्क रहने की जरुरत है।
 
 
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