योगी के रामराज में बिचौलिए मालामाल और किसान कंगाल

योगी के रामराज में बिचौलिए मालामाल और किसान कंगाल
Farmer tention

Sarweshwari Mishra | Publish: May, 16 2019 03:18:10 PM (IST) Azamgarh, Azamgarh, Uttar Pradesh, India

कमीशन के चक्कर में बिचौलियों से हो रही गेंहू खरीदारी और किसानों के नाम से बन जा रहे हैं चेक

आजमगढ़. किसान हितों की रक्षा और उन्हें उत्पादन का उचित मूल्य देने का दावा कर रही यूपी की बीजेपी सरकार गेंहू खरीद के मामले में पूरी तरह फेल है। सरकार एक बार फिर लक्ष्य पूरा कर वाहवाही लूटना चाह रही है लेकिन यह नहीं देख रही कि गेंहू आ कहां से रहा है। क्रय केंद्रों के कर्मचारी गेंहू बिचौलियों से खरीद रहे हैं और किसानों को सिर्फ खरीद की डेट दे रहे हैं। परिणाम है कि दो चार बार क्रय केंद्र का चक्कर काटने के बाद किसान मजबूरी में अपना गेंहू 1650 रूपये से लेकर 1700 रूपये कुंतल बिचौलियों को बेच रहा है। बिचौलियों का गेंहू सीधे उनकी गोदाम से ट्रक पर लद जा रहा है लेकिन क्रय केंद्र पर पड़ा गेंहू नहीं हटाया जा रहा है परिणाम है कि यहां तैनात कर्मचारी चुनाव के चलते ट्रक न आने का बहाना कर किसानों को दौड़ा रहे हैं। अगर अधिकारी सिर्फ जिन किसानों के नाम से चेक कट रहा है उनकी जांच कर दे तो पूरे घोटाले से पर्दा उठ जाएगा लेकिन शिकायत मिलने पर अधिकारी कहते हैं कि स्थानीय स्तर पर शिकायत करें।

 

बता दें कि रबी विपणन वर्ष 2019-20 में किसानों की उपज का सही और समय पर मूल्य दिलाने के लिए शासन ने एक अप्रैल से 15 जून तक गेहूं खरीद का निर्धारण किया था। प्रति क्विटल 1840 रुपये समर्थन मूल्य के साथ 20 रुपये छनाई व उतराई का अतिरिक्त सहित कुल 1860 रुपये का भुगतान किया जाना है। निर्धारित समय में करीब एक माह शेष हैं। अब तक मंडल के तीनों जिलों में 15,551 किसानों से लक्ष्य के सापेक्ष 38.75 फीसद गेहूं की खरीद हो सकी है। यानी अभी 62.25 फीसद दूर है। यही नहीं, पिछले वर्ष अब तक 85,689.91 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी थी। जबकि इस बार 83,498.35 एमटी की खरीद हुई है।

 

मंडल के तीनों जिलों आजमगढ़, मऊ और बलिया में विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से 2,15,500 एमटी गेहूं खरीद के लिए कुल 262 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। आजमगढ़ में स्थापित 98 में 95 क्रय केंद्रों पर 64,500 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 28,784.75 एमटी गेहूं की खरीद हुई है। जबकि गत वर्ष अब तक 29,994.98 एमटी खरीद हो चुकी थी। मऊ में स्थापित 73 क्रय केंद्रों के सापेक्ष 69 केंद्रों पर 53,000 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 25,477.17 एमटी की खरीद हुई है। जो अब तक गत वर्ष हुई 21,773.56 एमटी से अधिक है। इसी प्रकार बलिया में 71 केंद्रों पर 98,000 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 29,236.43 एमटी खरीद हुई है। जबकि यहां अब तक 33,961.37 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी थी।

 


कागज में सबकुछ चकाचक दिख रहा है। दावा है कि निर्धारित समय में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा लेकिन गेंहू कहां से आ रहा है खरीदारी किसान कर रहा है या बिचौलिए इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। खासतौर पर आजमगढ़ में हालत यह है कि बिचौलिए गांवों में घूककर गेंहू खरीद रहे हैं और रात में ही उनका गेंहू क्रय केंद्र पर पहुंच जा रहा है फिर नंबर के नाम पर उन्हीं के गेहू को किसान का गेहू बताकर तौल की जा रही। किसान दो दो दिन केंद्र पर रूक रहा है तब उसका गेंहू खरीदा जा रहा है। यहीं नहीं बिचौलियों ने अपनी गोदाम तक बना रखी है। उन्हें बाकायादा बोरी भी दे दी जा रही है। मुख्यलय के ट्रक क्रय केंद्र के लिए जा रहे है और पहुंच जा रहे है बिचौलियों की गोदाम खाली करने। क्रय केंद्र पर गेंहू जमा है लेकिन उसे गोदाम तक तब भेजा जा रहा है जब बिचौलियों की गोदाम खाली हो चुकी होती है। किसान रामजीत सिंह, अंतिम सिंह आदि का कहना है कि यदि प्रशासन केलव अब तक किसानों के नाम से कटे चेक की जांच करा ले और किसानों से गांव में जाकर पूछ ले तो पता चल जाएगा कि कैसा भ्रष्टाचार हो रहा है। जो किसान गेंहू नहीं बेचते उन्हीं छोटे किसानों की खतौनी का इस्तेमाल कर बिचौलिये यह खेल खेल रहे है और मोटा कमीशन मिलने के कारण कर्मचारी उन्हें प्रश्रय दे रहे हैं।

BY-Ranvijay Singh

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