बिना आईडी के यहां मिल जाती है एक्टीवेटेड सिम

वर्ष 1993 से जिला आतंक के पन्ने पर दर्ज है। अब भी यहां के सात मोस्ट वांटेड आतंकी फरार है

आजमगढ़. वर्ष 1993 से जिला आतंक के पन्ने पर दर्ज है। अब भी यहां के सात मोस्ट वांटेड आतंकी फरार है। पूर्व में यहां फर्जी लाइसेंस तक का मामला प्रकाश का में आ चुका है लेकिन जहां तक बात सुरक्षा और सतर्कता की है तो वह बद से बदतर है। जिला मुख्यालय से लेकर गांव की चट्टी चैराहे तक निमय कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है लेकिन अधिकारी मौन है।

वर्तमान में तो हद हो गयी है। दुकानदार सीधे एक्टीवेट सिम बिना किसी आइडी प्रूफ के बेच रहे है। लोग इसे धड़ल्ले से खरीद रहे है ऐसे में यह सिम कभी भी गलत हाथों तक पहुंच सकती है।

गौर करें तो सिमकार्ड प्राप्त करने के लिए कुछ नियम बनाये गये है। नियमानुसार बिना आईडी और फोटो के किसी को सिमकार्ड नहीं दिया जा सकता है।

सिम चालू तभी होनी चाहिए जब पते का वेरीफिकेशन हो जाय। उसके लिए कंपनियों ने टूल फ्री नंबर भी दिया है। आम तौर पर सिम खरीदनें के बाद यह प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। बिना इसके सिम एक्टीवेट नहीं होता है लेकिन अब ऐसे भी सिमकार्ड बाजार में उपलब्ध हैं जो पहले से एक्टीवेट है। इन्हें बस मोबाइल या नेटसेटर में लगाइये ये काम करना शुरू कर देते है। ऐसे सिम ज्यादातर नेट प्रयोग के लिए ही होते है। कारण कि विभिन्न कंपनियों के नेट पैक का मंथली चार्ज दो से ढाई सौ रूपये देना पड़ता है जबकि यह थ्रीजी सिम मात्र 150 से 160 रूपये में आसानी से मिल जाता है। इसके लिए एड्रेस प्रूफ भी नहीं देना पड़ता है।

लोग एक महीने तक प्रयोग के बाद सिम फेंक देते है और फिर नई सिम खरीद लेते है।आम ग्राहक के लिए यह सुविधाजनक है तो बेचने वाले को भी उसका कमीशन मिल जाता है पर सुरक्षा की दृष्टि से यह कितना खतरनाक है समझा जा सकता है वह भी उस स्थित में जब जिले में संदिग्धों की लंबी फेहरिस्त हो। पुलिस की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह इस तरह की खरीद फरोख्त पर रोक लगाये और एक्टीवेटेड सिम बेच रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे लेकिन जिले की पुलिस मौन है। इससे खतरा बढ़ता जा रहा है।

अपर पुलिस अधीक्षक नगर विनोद कुमार कहते है कि इस तरह का कोई मामला संज्ञान में आने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। पर सवाल यह है कि यह खेल एसपी आफिस से चार सौ मीटर दूरी पर भी हो रहा है लेकिन पुलिस की नजर इसपर क्यों नहीं पड़ती है।
Show More
Ruchi Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned