सशक्त समाज की स्थापना के लिए महिलाआें का स्वावलंबी होना जरूरी

जिले में 20 नवंबर से चल रहे नारी सशक्तिकरण संकल्प अभियान का समापन मंगलवार को राहुल सांकृत्यायन प्रेक्षागृह में भव्य समारोह के बीच हुआ। इसमें महिलाओं को सरकार द्वारा उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं से अवगत कराया गया।

By: Devesh Singh

Published: 18 Dec 2018, 08:35 PM IST

रिपोर्ट:-रणविजय सिंह
आजमगढ़।
जिले में 20 नवंबर से चल रहे नारी सशक्तिकरण संकल्प अभियान का समापन मंगलवार को राहुल सांकृत्यायन प्रेक्षागृह में भव्य समारोह के बीच हुआ। इसमें महिलाओं को सरकार द्वारा उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं से अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी ने कहा कि हमारे पुरातन वैदिक शास्त्रों में नारीयों को ऋषियों की श्रेणी में रखा गया था। मध्यकाल आते-आते महिलाओं को सीमित क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर मिला लेकिन हमारे संविधान मे महिलाओं को पुरूषों के बराबर अधिकार प्राप्त हुए हैं। पिछले कुछ शताब्दीयों से महिलाओं को वो समान अवसर नही मिल पायें जो उनको मिलना चाहिए था। भारत सरकार एवं उप्र सरकार द्वारा महिलाओं के विकास के लिए अनेकों कार्यक्रम चलाये गये हैं, इन्हीं कार्यक्रमों एवं योजनाओं का लाभ सभी महिलाओं तक पहुंचाकर उन्हें सशक्त एवं स्वावलम्बी बनाने के लिए 20 नवम्बर 2018 से 20 दिसम्बर 2018 तक यह अभियान चलाया गया था।

इस अभियान के तहत सभी 22 ब्लाकों में सरकारी महिला कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर महिलाओं को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी प्रदान की गयी। यह अभियान मुख्यतः शिक्षा, स्वरोजगार, स्वास्थ्य एवं पोषण, स्वच्छता तथा सुरक्षा आदि महत्वपूर्ण विषयों पर केन्द्रित रहा है। नारी सशक्तिकरण संकल्प अभियान के अन्तर्गत उपर्युक्त विषयों से संबंधित विभागां की महिला अधिकारियों/कार्मिकों द्वारा गांव-गांव जाकर लाभार्थी महिलाओं एवं अन्य महिलाओं को सरकार द्वारा उनके सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार बताया गया।

इस अभियान में उप्र सरकार द्वारा मुख्यतः चलायी जा रही योजनाओं में अहिल्याबाई कन्या निःशुल्क शिक्षा, महिला उत्पीड़न निदान हेतु 181 वुमेन हेल्पलाइन तथा पेंशन योजना के बारे में महिलाओं को जागरूक किया गया। पुलिस अधीक्षक रवि शंकर छवि ने महिलाओं के विकास के लिए चल रही योजनाओं एवं पुलिस द्वारा इसमें अपने सहयोग पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।

राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता तिवारी द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए चलायी जा रही योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। डीडी महिला कल्याण ओमकार यादव ने बताया कि हमारे विभाग द्वारा संचालित 181 हेल्पलाइन नम्बर महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाया गया है, जिसमें कोई भी महिला शिकायत दर्ज करा सकती है। विधवा पेंशन, रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष, जिसमें 09 धाराओं पर केस दर्ज होने पर 03 से 10 लाख रूपये की सहायता दी जाती है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आदि योजनाओं की जानकारी प्रदान की गयी।
भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष डॉ. संचिता बनर्जी ने कहा कि आप सभी गांव-गांव जाकर और महिलाओं को जागरूक करेंगी तभी यह संकल्प अभियान पूरा होगा। केन्द्र सरकार और हमारी प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि हमारी महिलाओं को वे सभी सुविधायें और अवसर प्राप्त हों जिनसे वो जीवन और समाज में आगे बढ़ सकें।

Devesh Singh
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