अब बिना सत्यापन के नहीं बिकेगा क्रय केंद्रों पर गेंहू व धान, जानें क्या है प्रक्रिया

-धांधली को रोकने के लिए सरकार ने जारी की गाइडलाइन

-नई व्यवस्था से किसानों की बढ़ेगी परेशानी लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों पर कसेगा शिकंजा

By: Ranvijay Singh

Updated: 11 Sep 2021, 05:00 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. सरकारी क्रय केंद्रों पर धान और गेहूं की खरीद में होने वाली मनमानी व अवैध खरीदारी को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यह अलग बात है कि सरकार के इस फैसले से किसानों की परेशानी बढ़ने वाली है लेकिन इतना तय है कि क्रय केंद्रों के भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबित अब किसानों को बताना होगा कि किस गाटे में कौन सी फसल बोई है। इसका विवरण आनलाइन अपलोड होने के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसान क्रय केंद्रों पर अनाज बेच सकेंगे।

रबी की सीजन में गेंहू की खरीद में धांधली के कई ममाले सामने आये थे। मंडल में कई क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गयी थी। इस धांधली को रोकने के लिए ही सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। गौरतलब है कि अब तक किसानों को पंजीकरण के दौरान सिर्फ जमीन का ब्यौरा देना होता था। आनलाइन पंजीकरण में गाटा संख्या, रकबा, बैंक डिलेल भरनी होती थी। इसके बाद सौ कुंतल से अधिक बिक्री पर एसडीएम से सत्यापित कराना होता था। छोटे किसानों को पंजीकरण के बाद सीध धान या गेहूं बेचने का मौका मिल जाता था।

अब नई व्यवस्था में किसानों को बताना होगा कि उक्त गाटा संख्या में कौन की फसल बोई है। यानि पूरा विवरण देना होगा कि कौन से गाटा में उन्होंने किस धान की फसल रोपी गयी है। किसान द्वारा संपूर्ण विवरण भरने के बाद आनलाइन आवेदन लाक होगा। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर इसका सत्यापन भी करेगी कि किसान की ओर से दी गई सूचना सही है अथवा नहीं। यदि भ्रामक सूचना दी गई तो पंजीकरण रद भी हो सकता है।

यह व्यवस्था सभी के लिए लागू की गयी है। यानि कि इस बार लघु व सीमांत किसानों को भी अपनी उपज बेचने के लिए पंजीकरण का सत्यापन कराना होगा। पहले यह किसान सिर्फ पंजीकरण कराकर अपनी उपज बेच लेते थे। इस नई व्यवस्था से किसानों की मुश्किल बढ़ने वाली है। वहीं माना जा रहा है कि यह नई व्यवस्था भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में कारगर साबित होगी।

डीप्टी आरएमओ ने बताया कि इस बार पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। किसानों को पंजीकरण के दौरान यह बताना होगा कि किस गाटे में कौन की फसल बोई है। इसका सत्यापन कराया जाएगा। सारी सूचनाएं सही पाए जाने पर ही किसानों को क्रय केंद्र पर अनाज बेचने की अनुमति मिलेगी। यह व्यवस्था खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए की गयी है।

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