कुछ इस तरह हर किसान तक पहुंच बनाने में जुटी है योगी सरकार

धान बेचने वाले हर किसान से हेल्पलाइन के जरिए कर रही संपर्क, पूछे जा रहे हैं पांच सवाल

सरकार के इस कार्य से किसानों को भी मिल रही राहत धान क्रय केंद्रो पर नहीं हो रहा उत्पीड़न

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. किसानों की आदमनी दूना करने का लक्ष्य पूरा कर उनके दिल में उतरने की कोशिश में जुटी योगी सरकार धान खरीद में भी मददगार साबित हो रही है। आमतौर पर सरकारें धान क्रय केंद्र खोल देती थी और धान की खरीद हुई की नहीं हुई, किसानों के साथ केंद्र पर बर्ताव कैसा हो रहा है, उनका उत्पीड़न तो नहीं किया जा रहा, कहीं उनके उत्पाद की मनमानी कटौती तो नहीं हो रही इन बातों पर सरकार ध्यान नहीं देती थी। परिणाम होता था कि अधिकारी कर्मचारी से लेकर बिचैलिये तक किसान का शोषण करते थे लेकिन इस बार योगी सीधे किसानों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्या का निस्तारण कर रही है। इसे क्रय केंद्र पर भी दबाव बन रहा है। परिणाम है कि पूर्व के वर्षो की अपेक्षा इस बार किसानों का उत्पीड़न कम हुआ है।

बता दें कि धान और गेंहू आजमगढ़ जिले की मुख्य फसल है। करीब 4 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की फसल उगाई गयी है। जिले में 65 क्रय केंद्रों पर 15 अक्टूबर से धान की खरीद जारी है। किसानों के हेल्प के लिए सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन इस बार किसानों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। फसल ब्रिकी के लिए टोकन जारी होने से लेकर धान तौल व भुगतान तक में हेल्पलाइन के कर्मचारी मदद कर रहे हैं।

जिस भी किसान ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है और धान केंद्र पर पहुंचा रहा है। उसके यहां हेल्पलाइन नंबर से फोन जरूर आ रहा है। किसान से हेल्पलाइन कर्मचारी फीडबैक ले रहे हैं कि धान बेचने में उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं हुई। क्रय केंद्र पर अधिकारी कर्मचारी का व्यवहार कैसा था। केंद्र पर किसानों के बैठने के लिए, जलपान की व्यवस्था है कि नहीं। उनसे किसी तरह की कटौती तो नहीं की गयी। धान तौल में कितना समय लगाया गया। बिक्री के बाद भुगतान हुआ की नहीं। अगर किसान किसी तरह की समस्या बता रहा है तो कर्मचारी उसका निवारण कर रहे हैं। हेल्पलाइन के सक्रिय होने से कर्मचारी भी दबाव में हैं कि कोई शिकायत न कर दें।

इसलिए किसानों को पूरा सम्मान देने की कोशिश हो रही है। खास बात है कि इस बार बचैलिए भी कम सक्रिय हैं जिससे किसानों को उनके उत्पाद का पूर मूल्य मिल रहा है। हेल्प लाइन पर बात कर चुकी आशा सिंह, प्रमोद सिंह, अंतिम कुमार आदि कहते हैं पूर्व के वर्षो की अपेक्षा इस बार व्यवस्था में सुधार हुआ है। खुद सरकार के लोग किसानों की मदद कर रहे हैं। भुगतान भी समय से हो जा रहा है। थोड़ी बहुत कमियां है लेकिन हालात पहले से काफी बेहतर हुए हैं।

BY Ran vijay singh

BJP
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