scriptAfter LPG and diesel-petrol, now the prices of vegetables are also tou | रसोई गैस और डीजल-पेट्रोल के बाद अब सब्जियों के दाम भी छू रहे आसमान | Patrika News

रसोई गैस और डीजल-पेट्रोल के बाद अब सब्जियों के दाम भी छू रहे आसमान

महंगाई की मार: ङ्क्षभडी और नींबू के भावों में अधिक उछाल, लोगों की बढ़ी परेशानी

बड़वानी

Published: March 26, 2022 01:02:27 am

बड़वानी. कोरोना के अनलॉक के दौर में रसोई गैस और पेट्रोल, डीजल की कीमतों के बाद एक बार फिर से रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। ङ्क्षभडी का भाव 120 और नींबू 140 रुपए बिक रहा है। जबकि हरी मिर्च सालों बाद 100 रुपए किलो के पार पहुंची है। दरअसल गर्मी के कारण सब्जियों के भाव में बढ़ काफी बढ़ोतरी में दिखाई दे रही है, जिससे रसोई से हरी सब्जियों पूरी तरह से गायब नजर आ रहा है। मौसम की मार के चलते अन्य मौसमी सब्जियों के भाव भी आसमान पर है। ऐसे में रसोई का बजट और बिगड़ रहा है।
रसोई गैस और डीजल-पेट्रोल के बाद अब सब्जियों के दाम भी छू रहे आसमान
रसोई गैस और डीजल-पेट्रोल के बाद अब सब्जियों के दाम भी छू रहे आसमान
महंगाई ने लोगों को परेशान कर रखा था। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के मूल्य तो बढ़ ही रहे है। साथ ही सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। सब्जियों के महंगे होने का कारण पिछली बारिश में फसलें नष्ट होना माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में फल सब्जियों की आवक बढ़ी है। आवक बढऩे से माना जा रहा था कि इससे दामों में कमी आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गर्मी आते ही बढ़े फल-सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। सामान्य सब्जियों के दाम 50 से 60 रुपए किलो हो गए है। जहां कुछ दिनों पूर्व टमाटर 10 रुपए किलो थे अब 30 से 40 रुपए किलो है। वहीं हरी मिर्च 100-110 रुपए किलो बिक रही हैं। हालात यह है कि जो सब्जी विक्रेता बेचने के लिए ठेला भर-भर के सब्जियां लाते थे वे भी अब टोकरियों में सब्जियां बेचते नजर आ रहे है। क्योंकि सब्जियां महंगी होने से उपभोक्ता भी आधा किलो और पाव भर से काम चलाने लगे है।
सब्जियों के फुटकर विक्रेता और मंडी व्यापारियों के मुताबिक गर्मी के चलते क्षेत्र में सब्जियों के उत्पाद नही हो रहा है। यहीं कारण है कि 10 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर सीधे 30 से 40 रुपए किलो बिक रहा है। हालात ये है कि उपभोक्ताओं का बजट भी बिगड़ रहा है। मजबूरी में कुछ उपभोक्ता आलू और प्याज की अधिक मात्रा ले जाकर हर सब्जियों में उनका उपयोग करके काम चला रहे हैं। क्योंकि आलू 25 रुपए तो प्याज भी 25 रुपए किलो है। शेष सब्जियां तो 50 रुपए किलो से कम है ही नहीं बढ़ती महंगाई के दौर में दाल, सब्जी व दैनिक दिनचर्या की चीजों के दामों में बढ़ोतरी से आमजन परेशान है। ऐसे में सब्जियां आम आदमी की पहुंच से दूर हो रही है। सब्जी के बढ़े दामों से परेशान ग्रामीण उपभोक्तओं ने अपने घरों के आस-पास खुद की सब्जियां उगाकर खाना शुरू कर दिया है, लेकिन शहरी आमजन मंहगी सब्जी खरीद कर खाने को मजबूर हैं। ऐसे में सब्जी के बढ़े दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ कर रख दिया है।

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