बड़वानी अस्पताल में नहीं है सीटी स्कैन की सुविधा, निजी संस्थानों में जांच के लिए ले रहे 2500-3000 रुपए

सरकारी उपचार की आस में पहुंचे लोगों को भारी पड़ रही प्रायवेट सीटी स्कैन जांच, निजी संस्थानों में लिए जा रहे 2500 से 3000 हजार रुपए

By: vishal yadav

Updated: 10 Jun 2021, 11:29 AM IST

बड़वानी. कोरोना काल में प्रशासन का पूरा ध्यान कोविड केयर सेंटरों पर रहा। इससे जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की ओर किसी का ध्यान नहीं है। ओपीडी में पहुंचने वाले सर्दी-खांसी सहित सिरदर्द व चक्कर आने वाले मरीजों को भी सरकारी डॉक्टर सीटी स्कैन जांच लिख रहे है। ये जांच सरकारी स्तर पर नहीं होती। ऐसे में निजी स्तर पर 2500 से 3000 रुपए तक की जांच करवाने में मरीजों व उनके परिजनों को जांच के नाम पर आर्थिक झटका सहना पड़ रहा है।
बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों के उपचार के दौरान खासकर लंग्स इंफेक्शन की शिकायत वाले मरीजों को सीटी स्कैन जांच लिखी जा रही है। ये जांच सुविधा जिला अस्पताल में नहीं है। शहर के निजी अस्पताल व संस्थानों में ही है। दूसरी लहर की शुरुआत में इस जांच के निजी संस्थानों में हजारों रुपए शुल्क लेकर मरीजों की जेब काटी जा रही थी। इसके बाद कलेक्टर ने निजी अस्पताल व संस्थानों में सीटी स्कैन जांच के 3000 हजार रुपए निर्धारित किए। इसके करीब 15 दिन बाद फिर इसकी दर कम करते हुए 2500 रुपए निर्धारित की गई। चूंकी जिन मरीजों को अधिक सर्दी-जुखाम या कोरोना के प्रारंभिक लक्षण मिलते हैं, उसकी जांच करवाई जाती है, लेकिन निजी व सरकारी डॉक्टर्स ने इसे सामान्य रुप से मरीजों को लिखना शुरु कर दिया है। इससे खासकर गरीब व मध्यम वर्गीय लोगों को निशुल्क उपचार के बीच जांच का झटका झेलना पड़ रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल के फिमेल वार्ड में भर्ती महिला की चिट्टी देखकर सीधे तौर पर कहा दिया सीटी स्कैन जांच करवाओ, नहीं तो घर जाओ। जबकि महिला को सर्दी-जुकाम नहीं होकर महज सिर व पीठ दर्द की शिकायत थी। वहीं परेशानी को नजर अंदाज कर बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया।
गत माह निर्णय हुआ था
गत माह कोरोना काल के मद्देनजर शासन द्वारा बड़वानी सहित प्रदेश के कुछ जिलों के अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन की स्थापना के लिए आउटसोर्स कंपनियों को कार्य सौंपा है। वहीं जिले में नौ मई को हुई आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने भी सर्व सहमति से निर्णय लेकर शासन द्वारा पीपीपी मोड में जिला चिकित्सालय में स्वीकृत की 653 रुपए मेंं होने वाले सीटी स्केन के लिए निर्धारित कंपनी को जल्द सुविधाएं उपलब्ध करवाकर सुविधा शुरु करने का निर्णय लिया था। एक माह बीतने के बावजूद अब यह मामला ठंडे बस्ते में समा चुका है। वैसे जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा शुरु होती हैं तो मरीजों की सिर्फ 653 रुपए में जांच होगी। ऐसे में निजी स्तर पर 2500 रुपए में होने वाली जांच के मुकाबले मरीजों को सीधे तौर पर 1847 रुपयों की बचत होगी।
कंपनी ने सर्वे किया हैं, वहीं निर्माण शुरु करेगी
जिला अस्पताल में शासन के निर्देश पर इंदौर की फिलिप्स कंपनी की टीम गत दिनों जिला अस्पताल आई थी। यहां ट्रामा सेंटर के पास जगह देखी है। टीम ने सर्वे किया है। कंपनी पूरे काम का स्टीमेड बनाकर देगी। उसके बाद राशि स्वीकृति होने के बाद काम शुरु होगा। आगे क्या कार्रवाई होगी, यह कंपनी से संपर्क कर पता लगा रहे है।
-डॉ. अरविंद सत्य, सिविल सर्जन

Show More
vishal yadav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned