70 प्रतिशत किसानों को भेजे मैसेज, 30 प्रतिशत अब तक गेहूं बेचने आए

समर्थन नहीं मिलने पर एक लाख क्विंटल का लक्ष्य घटाया, गत वर्ष भी कम हुई थी खरीदी, 70 प्रतिशत किसानों को भेजे मैसेज, 30 प्रतिशत अब तक गेहूं बेचने आए

By: vishal yadav

Published: 05 May 2021, 10:30 AM IST

बड़वानी. जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को इस बार भी किसानों का समर्थन कम मिल रहा है। वैसे विभाग द्वारा पंजीकृत में से 70 फीसदी किसानों को मैसेज भेजे है। वहीं अब तक 30 प्रतिशत किसान ही अपनी उपज लेकर खरीदी केंद्रों पर पहुंचे है। जिले में इस वर्ष कुल 10 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन क रवाया है। इसमें 2427 किसान चना फसल वाले शामिल है।
जिले में इस बार 28 मार्च से गेहूं और चना खरीदी का श्री गणेश हुआ है। इसमें चना खरीदी का लक्ष्य 1500 क्विंटल और गेहूं खरीदी का चार लाख क्ंिवटल निर्धारित किया था। अब तक कम हुई खरीदी के मद्देनजर गेहूं का लक्ष्य एक लाख क्ंिवटल घटाकर तीन लाख क्ंिवटल किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जिले में रबी सीजन की फसलों की बोवनी एक लाख दो हजार हेक्टेयर में हुई है। इसमें सर्वाधिक गेहूं की 90 हजार हेक्टेयर में शामिल है। जबकि पिछले वर्ष गेहूं की बोवनी 82 हजार हेक्टेयर में हुई थी और समर्थन मूल्य पर जिले से तीन लाख 36 क्ंिवटल गेहूं की खरीदी हुई थी। वहीं इस बार गेहूं बोवनी का आंकड़ा आठ हजार हेक्टेयर में बढऩे से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया गया था।
दो लाख पार हुआ खरीदी का आंकड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में मंगलवार तक 22 केंद्रों पर 3764 किसानों से दो लाख 64 क्ंिवटल 67 किलो गेहूं की खरीदी हो चुकी है। वहीं तीन केंद्रों पर 126 किसानों से 2494 क्ंिवटल चना खरीदी हो चुकी है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार चना खरीदी तीन गुना अधिक हो चुकी है। बता दें कि गत वर्ष 2019-20 में जिले में बनाए केंद्रों पर गेहूं की दो लाख 35 हजार 66.872 क्विंटल गेहूं और चने की 809.350 क्ंिवटल खरीदी हुई थी।
वेयर हाउस के प्रबंधक एलएस झाला ने बताया कि मार्च से 30 अप्रैल तक 7023 किसानों को मैसेज भेजा गया था। इसके तहत 3462 किसान गेहूं लेकर केंद्रों पर आए है। इस बार कुल पंजीकृत 10 हजार 999 में से 7023 किसानों को अब तक मैसेज भेजे जा चुके है। आगामी 10 दिनों में शेष 3976 किसानों को मैसेज भेज दिए जाएंगे। इस बार 65 प्रतिशत किसानों को मैसेज भेजे जा चुके हैं। वैसे बीते वर्षांे की स्थिति देखे तो 50 से 60 प्रतिशत पंजीकृत किसान ही केंद्रों पर गेहूं बेचने आते है। शेष किसान बाजार में अच्छा भाव मिलने पर बेच देते है।

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