Corona virus update : सेंधवा में बढ़ रहे कोरोना केस, लोग बरते सावधानियां

इंदौर में सेंधवा के अधिवक्ता की मौत के बाद एक संदिग्ध मौत ने बढ़ाई चिंता, अस्पताल में बढ़ी सैंपल देने वालों की संख्या

By: vishal yadav

Updated: 03 Apr 2021, 12:21 PM IST

बड़वानी/सेंधवा. नगर में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को नगर के एक अधिवक्ता की कोरोना संक्रमण से वही एक अन्य व्यक्ति की संदिग्ध मौत होने की सूचना ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है। इधर, सिविल अस्पताल में कोरोना संक्रमण के लिए सैंपल देने वालों की संख्या बढ़ चुकी है। हालांकि प्रशासन अपने स्तर पर व्यवस्थाएं जुटाने में लगा है, लेकिन पिछले कोरोनाकाल से से अधिक चिंता इस बार दिखाई दे रही है। संदिग्धों को भी इलाज के लिए अब परेशान होना पड़ रहा है। कई अस्पताल सीधे कोरोना वार्ड में भर्ती करने को राजी नहीं है। वहीं आईटी पीसीआर जांच में देरी होने से लोगों में टेंशन बढ़ रही है।
शुक्रवार को मल्हार बाग निवासी अधिवक्ता आशीष वर्मा की मौत कोरोना संक्रमण के कारण इंदौर के निजी अस्पताल में हुई। सूत्रों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले अधिवक्ता की जांच की गई थी। इसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए इंदौर लेकर गए थे। पिछले एक सप्ताह से इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को अचानक तबीयत खराब हुई और अधिवक्ता की मौत हो गई। इसी तरह निंबारगी कॉलोनी निवासी एक अन्य व्यक्ति की इंदौर में इलाज के दौरान संदिग्ध मौत होने की सूचना मिली है। हालांकि परिजनों ने बताया कि उनकी रैपिड टेस्ट नेगेटिव थी। इसके बाद उन्हें इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को सुबह दिल का दौरा पडऩे से उनकी मौत हो मृतक की पत्नी भी उनके साथ उसी अस्पताल में भर्ती है। हालांकि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। परिजनों ने बताया कि निंबार्क कॉलोनी निवासी व्यक्ति के फेफड़ों में इंफेक्शन बताया गया था, लेकिन कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव थी। पूरे मामले में खास बात है कि निंबार्क कॉलोनी निवासी पार्षद के इंदौर में संदिग्ध मौत के बाद ये पति-पत्नी भी बीमार हुए थे। इसमें से आज पति की मौत दौर में हुई है। प्रशासन को निंबार्क कॉलोनी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। क्योंकि यहां संदिग्धों की संख्या अधिक है। वहीं मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है।
संदिग्धों को निजी अस्पताल नहीं कर रहे भर्ती
लोगों से बात करने पर ये तथ्य सामने आ रहे हैं कि जो लोग कोरोना अपडेट बताए जा रहे जब उनके परिजन इंदौर सहित अन्य नगरों में उनका इलाज कराने ले जा रहे है, तो उन्हें अस्पतालों में भर्ती नहीं किया जा रहा। हालत ये है कि संदिग्धों को लेकर परिजन कई घंटों तक इंदौर के अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं और मिन्नतें करने के बाद अस्पताल मरीजों को भर्ती कर रहे है। कई लोग अपने मरीजों के रैपिड टेस्ट करा रहे हैं यदि टेस्ट में मरीज संक्रमित पाया जाता है, तो उसका इलाज किया जा रहा है। जो मरीज संक्रमित नहीं पाया जा रहा, उसे कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो निजी अस्पताल उन्हें भर्ती नहीं कर रहे हैं। ऐसे में परिजन परेशान होने को मजबूर हैं। शासन को चाहिए कि अस्पतालों को निर्देश दे कि जिन संदिग्ध मरीजों के रैपिड टेस्ट नेगेटिव आए है, उनका इलाज तत्काल किया जाए।
लोगों ने कहा होम आइसोलेशन का सख्ती से कराएं पालन
पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान जामली स्थित आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया था। यहां पर ऐसे मरीजों का इलाज किया गया था जो संक्रमित तो है लेकिन उन्हें कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन इस बार प्रशासन संदिग्ध मरीजों और संक्रमित मरीजों को आइसोलेशन करने पर जोर लगा रहा है। सूत्रों के अनुसार जिन लोगों की रिपोर्ट संक्रमित पाई जा रही है, उन्हें अपने घरों में ही रहने और चिकित्सक के अनुसार इलाज लेने के लिए निर्देश दिए जा रहे है। यहां ये समस्या आ रही है कि कई संक्रमित किराए के मकानों में रह रहे है। ऐसे में मकान मालिक को सहित उस मोहल्लेे या कॉलोनी के लोग चिंतित हो रहे है कि कहीं उन्हें कोरोना अपनी चपेट में ना ले ले। लोगों ने मांग की है कि संक्रमित मरीजों के लिए सेपरेट आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जाए और उन्हें सघन बस्तियों और कॉलोनियों से हटाकर आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जाए।
सेंधवा एसडीएम ने लोगों को लगाई लताड़
शुक्रवार को रंग पंचमी के दौरान नगर में सार्वजनिक आयोजनों सहित अन्य आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। बकायदा इसके लिए मुनादी कराई गई थी, लेकिन कई लोग बेवजह नगर में घूमते दिखाई दिए। वहीं कई लोगों ने रंग गुलाल लगाकर नगर में तफरी की। शुक्रवार को दोपहर में एसडीएम तपस्या परिहार खुद डंडा लेकर सड़कों पर उतरे और बाइक सवारों सहित अन्य वाहन चालकों को रोककर घूमने का कारण पूछा वही मास्क नहीं लगाने वाले लोगों को लताड़ भी लगाई।
वर्जन...
लोगों को एहतियात बरतना चाहिए बिना मास्क लगाए कोई भी व्यक्ति घर से ना निकले जिन घरों के आसपास कोरोना संक्रमित मरीज पाए जा रहे है। वहां पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है लोगों की जागरुकता ही उन्हें संक्रमण से बचाएगी। होम आइसोलेशन के दौरान संक्रमित मरीज के आसपास रहने वाले लोगों को अधिक एहतियात बरतनी होगी। कई लोग अभी भी लापरवाही बरत रहे है और मास्क नहीं पहन रहे हैं। नगर के करीब सभी क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन के निर्देश दिए गए है।
-तपस्या परिहार, एसडीएम, सेंधवा

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