IAS लोकेश कुमार जांगिड़ को अज्ञात नंबर से मिली धमकी, डीजीपी से की सुरक्षा की मांग

मप्र के चर्चित आइएएस लोकेश कुमार जांगिड़ ने डीजीपी से अपनी सुरक्षा की मांग की है। उन्हें सिग्नल के अज्ञात नंबर से एक धमकी मिली है। जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है।

By: vishal yadav

Published: 18 Jun 2021, 03:28 PM IST

बड़वानी. मध्य प्रदेश के चर्चित आइएएस लोकेश कुमार जांगिड़ ने डीजीपी से अपनी सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें सिग्नल के अज्ञात नंबर से एक धमकी मिली है। जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। कलेक्टर पर आरोप लगाकर सुर्खियां बटोरने वाले अपर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के तबादले पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। जांगिड़ मंदसौर के किसान आंदोलन पर टिप्पणी करने के साथ नेताओं, अफसरों और मीडिया को भी सार्वजनिक रूप से निशाने पर ले चुके हैं। यहां से तबादले के बाद जांगिड़ ने पहले कलेक्टर शिवराज वर्मा को निशान पर लिया। उसके बाद एक सीनियर अधिकारी की चैट को भी वायरल कर दिया। अब उनके मप्र कैडर छोडऩेे के आवेदन से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
बड़वानी तबादले के बाद अब जांगिड़ ने पूरी तरह बगावती तेवर अपना लिए है। बड़वानी से हटाए गए अपर कलेक्टर जांगिड़ वर्ष 2014 बैच के आईएएस ऑफिसर है। जांगिड़ को शासन ने 20 अप्रैल 2021 को अपर कलेक्टर बनाकर भेजा था। वहीं डेढ़ माह से भी कम समय में 31 मई को अचानक उनका तबादला हो गया। वे बड़वानी में मात्र 42 दिन ही रह सके। यहां से उन्हें राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल भेजा गया है। इसके बाद गत दिनों उन्होंने बड़वानी कलेक्टर और उनकी पत्नी पर सोशल मीडिया के माध्यम से निशाना साधते हुए आइएएस एसोसिएशन के ग्रुप में लिखा कि कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा उनके कारण भ्रष्टाचार नहीं कर पा रहे थे। साथ ही चैट में यह भी जिक्र किया कि कलक्टर ने मुख्यमंत्री से शिकायत करवाकर उन्हें हटवा दिया।
जहां गए, वहां विदाई सुर्खियों में रही
जांगिड़ का 4 साल में 8 बार जांगिड़ का तबादला अलग-अलग जिलों में हुआ है। हर बार इनकी विदाई सुर्खियों में रही। जांगिड़ श्योपुर जिले में एसडीएम के पद पर पहली पदस्थी के समय में राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरुद्ध गलतबयानी की थी। इसके बाद इनको वहां से हटाकर सचिवालय अटैच किया था। इसके बाद इनकी पोस्टिंग शहडोल जिले में एसडीएम के पद पर हुई। वहां भी कलेक्टर के साथ अमर्यादित व्यवहार तथा अन्य अधिकारियों के साथ प्रताडऩा के चलते शासन द्वारा वहां से इनकी रवानगी कर फिर मंत्रालय में अटैच कर दिया। इसके बाद इन्हें एडीएम गुना और सीईओ जिला पंचायत हरदा के पद पर पदस्थ किया। वहां भी इनका तत्कालीन कलेक्टर गुना और कलेक्टर हरदा से मतभेद होने पर विदाई तय हो गई। हाल ही में कोरोना की दूसरी लहर के बीच जांगिड़ को बड़वानी में एडीएम के रुप में पदस्थ किया था। यहां भी उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को वॉट्सएप चैट के माध्यम से तंग करना शुरु कर दिया था। मामला शासन तक पहुंचा और यहां से भी इनकी विदाई हो गई।
ये है मामला
लोकेश का फील्ड पोस्टिंग में आने के बाद चार साल में आठ बार तबादला किया गया है। बड़वानी से भोपाल में राज्य शिक्षा केंद्र में वापस तबादला करने पर उन्होंने आइएएस एसोसिएशन के सिग्नल गु्रप पर बड़वानी कलेक्टर को लेकर कई कमेंट लिखे, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। बाद में यह चैट डिलीट कर दी गई। इसके अलावा तबादला का फोन पर निर्देश देने वाली पीएस दीप्ति गौड़ की ऑडियो क्लिप भी वायरल हो गई। इस पर ऑडियो क्लिप को सर्विस रूल का उल्लंघन बताकर जांगिड को नोटिस मिला है।

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