आईएएस लोकेंद्र जांगिड़ ने ऑफिशियल सोशल मीडिया ग्रुप पर शेयर की विवादित पोस्ट

सीधी भर्ती के आईएएस लोकेंद्र जांगिड़ ने आईएएस एसोसिएशन के ऑफिशियल सोशल मीडिया एकॉउंट पर विवादित पोस्ट शेयर की है

By: vishal yadav

Updated: 17 Jun 2021, 01:33 PM IST

बड़वानी. बड़वानी जिले से एडीएम पद से हटाए गए सीधी भर्ती के आईएएस लोकेंद्र जांगिड़ ने आईएएस एसोसिएशन के ऑफिशियल सोशल मीडिया एकॉउंट पर विवादित पोस्ट शेयर की है। इसमें जांगिड़ का कहना है कि उनकी वजह से बड़वानी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा पैसा नहीं खा पा रहे थे, जिससे उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कान भरकर उन्होंने हटवा दिया। उन्होंने ये भी लिखा है कि वे रिटायरमेंट के बाद एक पुस्तक लिखेंगे। जिसमें वे सबको देख लेंगे।
सरकार से नाराज चल रहे थे जांगिड़
जांगिड़ ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि अभी मेरे हाथ घटिया आचरण नियमों से बंधे हुए हैं। जांगिड़ को बड़वानी जिले से हटाकर राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल में पदस्थ किया है। इसके बाद से ही जांगिड़ सरकार से नाराज चल रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि कलेक्टर जो कि एडिशनल कमिश्नर आबकारी भी रहे है। पूरा विभाग उनकी रेप्युटेशन अच्छे से जानता है। बिहार में यदि कोई रुपया खाता है, तो उसे कलेक्टर नहीं बनाया जाता है। जबकि मप्र में तो क्या ही कहा जाए।
अध्यक्ष से भी किया विवाद
जांगिड़ के पोस्ट करने पर मप्र आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन अध्यक्ष आईसीपी केसरी ने उन्हें ये पोस्ट से हटाने की सलाह दी। उन्होंने लिखा कि तुम न सिर्फ अपने साथियों पर आरोप लगा रहे हो, बल्कि उनके परिवार को भी बीच में ला रहे हो। भविष्य में तुम्हें इस तरह की चीजें करने से बचने की सलाह है। इस पर जांगिड़ केसरी पर ही भड़क गए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे ग्रुप से इस पोस्ट को नहीं हटाएंगे। आप अध्यक्ष हो चाहे तो मुझे ग्रुप से हटा दो। इसके बाद आईएएस विशेष गढ़पाले ने जांगिड़ को ग्रुप से हटा दिया।
प्रधान सचिव की बातचीत को टेप करने पर आईएएस जांगिड़ को नोटिस
आईएएस अधिकारी लोकेश जांगिड़ ने प्रधान सचिव (कार्मिक) दीप्ति गौड़ मुखर्जी की टेप बातचीत को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इसके लिए जांगिड़ को नोटिस जारी किया गया है। उसमें ये बताने को कहा गया है कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की बातचीत को सार्वजनिक करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में जांगिड़ को सस्पेंड किया जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि एक अधिकारी को अनुशासन में रहना चाहिए। किसी वरिष्ठ अधिकारी की बातचीत को टेप करना और उसे सोशल पर वायरल करना अपराध है। जिस तरह से चैट को वायरल किया गया, वह नैतिकता के खिलाफ है। सारंग ने कहा कि जगीद को नोटिस के जवाब में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और उनके (जांगिड़) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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