न पुनर्वास हुआ न मुआवजा दिया और घरों पर लगा दिए क्रास के निशान

न पुनर्वास हुआ न मुआवजा दिया और घरों पर लगा दिए क्रास के निशान

Editorial Khandwa | Publish: Jul, 06 2017 03:26:00 AM (IST) barwani

छोटा बड़दा के ग्रामीणों का गांव छोडऩे से इंकार, उपनेता प्रतिपक्ष ने जानी हकीकत



बड़वानी. डूब गांवों को खाली कराने के लिए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) एक ओर फर्जीवाड़ा करने पर तुला हुआ है। बिना मुआवजा, पुनर्वास का लाभ लिए परिवारों को ही लाभांवित दिखाकर डूब गांवों से बाहर करने की साजिश चल रही है। डूब ग्रामों में लाभान्वित डूब प्रभावितों के मकानों पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बनाया जा रहा है, जिससे चिह्नित हो सके कि इन परिवारों को पुनर्वास स्थल पर प्लाट, जमीन और 60 व 15 लाख रुपए का मुआवजा मिल चुका है। ग्राम छोटा बड़दा में कई परिवार ऐसे हैं जिनका न तो पुनर्वास हुआ न ही कोई मुआवजा मिला है। एनवीडीए ने इन परिवारों के घरों पर भी क्रास निशान लगा दिया है।






Marks of red cross placed on non-rehabilitation ho






नर्मदा बचाओ आंदोलन ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बताया कि एनवीडीए द्वारा ग्रामीणों का पुनर्वास किए बगैर ही घरों पर लाल क्रॉस निशान लगा उन्हें पुनर्वसित दिखा रहा है। एनबीए और डूब प्रभावित ग्रामीणों ने सरकार को इस फर्जीवाड़े से बाज आने की चेतावनी देते हुए सभी प्रभावितों को पुनर्वास लाभ प्रदान की सलाह दी है। उल्लेखनीय है कि एनवीडीए द्वारा सरदार सरोवर प्रभावित परिवारों के घरों पर लाल क्रास के निशान अंकित कर रहा है। एनवीडीए के अनुसार इस निशान का अर्थ संपूर्ण पुनर्वास से है और ऐसे परिवारों को कोई अन्य लाभ दिया जाना शेष नहीं है। जबकि जिन प्रभावितों के घरों पर ये निशान अंकित किए हैं, उनका पुनर्वास अभी पूर्ण नहीं हुआ है।






बगैर पुनर्वास के नहीं हटेंगे मूल गांव से
राहुल यादव, लोकेश पाटीदार, रोहित ठाकुर, कमेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राम छोटा बड़दा अंजड़ के प्रभावितों ने एनवीडीए के इस फर्जीवाड़े पर कड़ी निंदा की है। ग्राम की विद्या मंडलोई ने बताया कि न तो अब तक अपने घर का सर्वेक्षण किया गया है और न ही उनकी प्रभावित कृषि भूमि का मुआवजा दिया गया है। उन्हें और उनके वयस्क पुत्र-पुत्री को आवासीय भूखंड तक आवंटित नहीं किया है। केवल इतना ही नहीं, उनके पुत्र आशीष मंडलोई आंदोलन के कार्यकर्ता की पात्रता के 60 लाख का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। जीआरए से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि बगैर पुनर्वास के वे अपना गांव और घर नहीं छोडेंग़ी। प्रभावित बाबु हुसैन, मंगीबाई शिवराम और गफूर हुसैन ने बताया कि उनके सभी के घरों का अभी तक सर्वेक्षण तक नहीं किया गया है। उनके वयस्क पौत्रों को भूखंड आवंटन नहीं किया गया है। सभी ने बगैर पुनर्वास गांव से हटने से इंकार कर दिया है।



विधान सभा में रखेंगे मामला
मंगलवार शाम छोटा बड़दा में विधानसभा उपनेता प्रतिपक्ष व अंजड़ विधायक बाला बच्चन सरदर सरोवर बांध प्रभावितों से मिले और उनकी समस्या सुनी। उन्होंने कहा कि वे अपनी बात विधानसभा में रखेंगे। विधायक बाला बच्चन ने बताया कि डूब प्रभावितों को बिना मुआवजा और पूर्ण पुनर्वास के उजाडऩा गलत है। इसके लिए विधानसभा में मामला उठाने के साथ ही जमीनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।




 बिना जानकारी के लगाए निशान
सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश पाटीदार ने बताया कि जब ग्रामीणों ने निशान लगाने वाले कर्मचारी से पूछा कि प्रभावितों के घर गलत निशान क्यों लगाए जा रहे हैं, तो उसने कहा कि उसे किसी के पुनर्वास जानकारी नहीं है तथा उसे एनवीडीए कार्यालय से एक सूची देकर निशान लगाने भेजा है। आंदोलन ने प्रभावितों को बेघर करने में असफल रही एनवीडीए को सलाह दी है कि अपनी ऊर्जा प्रभावितों को लाभ देने में खर्च करें।




एक नजर में देखें स्थिति
1564 कुल प्रभावित परिवारों की संख्या छोटा बड़दा में।
812 प्रभावितों का नाम राजपत्र में जिनको हटाना है।
1212 परिवार मूल गांव में ही निवास कर रहे।
208 परिवारों को नए बैक वाटर लेवल में किया बाहर।
1154 परिवारों का एक्शन टेकन रिपोर्ट में पुनर्वास बाकी।
40 परिवारों के घरों में पूर्ण पुनर्वास बताकर लगाया क्रास का निशान।
05 परिवार ऐसे जिन्हें मुआवजा नहीं मिला, उनके घर भी लगा दिया निशान।
237 परिवार बसावट में गए एटीआर के मुताबिक।
75 परिवार ऐसे जिनका अब तक सर्वे नहीं हुआ है, व्यस्क पुत्र मिलाकर 375 परिवार।
35 परिवार अघोषित जिनका जीआरए में आवेदन लंबित हैं।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned