महाराजा देवीसिंह के जमाने का पुराना कलेक्टोरेट हो रहा जर्जर

जर्जर होती विरासत, बदहाल पुराने कलेक्टोरेट भवन के हाल, जगह-जगह से गल रही छत, उखडऩे लगी दीवारें

By: vishal yadav

Published: 12 Jun 2021, 03:32 PM IST

बड़वानी. शहर के मध्य बना पुराना कलेक्टोरट भवन आजादी के पूर्व की विरासत है। करीब डेढ़ दशक पूर्व तक यहां कलेक्टोरेट कार्यालय लगता था, तब यहां की रौनक देखते ही बनती थी। साथ ही रख रखाव बेहतर था। अब धीरे-धीरे भवन की छत और दीवारों का प्लास्टर उखडऩे लगा है।
पूर्व कुलपति, शिक्षाविद व इतिहासकार डॉ. शिवनारायण यादव ने बताया कि पुराना कलेक्टोरेट कार्यालय का निर्माण 1940-41 में महाराजा देवीसिंह के समय हुआ है। आजादी के बाद जब खरगोन जिला बना था, तब बड़वानी सब डिविजन बना और यहां आईएएस अधिकारी के तौर पर एसडीएम कार्यालय लगने लगा। साथ ही तहसील, ट्रेजरी, उद्योग, पीडब्ल्युडी कार्यालय खुले। 1998 में बड़वानी जिला बनने पर यहां कलेक्टोरेट कार्यालय शुरु हुआ। कुछ वर्ष पूर्व नया कलेक्टोरेट बनने के बाद अब यहां गिने-चुने कार्यालय जारी है।
1933 में हुआ था निर्माण
डॉ. यादव ने बताया कि इससे पुराना शहर का एसबीएन पीजी कॉलेज का भवन हैं, उसका निर्माण 1933 में हुआ था, लेकिन समय-समय पर उसके रख रखाव से आज वह मजबूत स्थिति में है। जबकि पुराना कलेक्टोरेट भवन को मरम्मत की जरुरत है। इससे सटकर जिला अस्पताल परिसर हैं और सड़क पार महिला अस्पताल। ऐसे में यहां तत्काल मेडिकल कॉलेज शुरु हो सकता है। इसके प्रयास होने चाहिए।

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