Video: कायाकल्प योजना में बड़ा गड़बड़झाला, 1 साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी बच्चेे प्यासे

Highlights

. कायाकल्प योजना में घोटाला
. मार्केट रेट से अधिक पर खरीदी गई टंकियां
. अधिकतर स्कूलों में बच्चों को एक साल से अधिक का समय बीतने पर भी नहीं मिला शुद्ध पानी

 

By: virendra sharma

Updated: 27 Nov 2019, 10:59 AM IST

बागपत। केंद्र सरकार की कायाकल्प योजना में करोडों का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत ने दो कंपनियों से कार्य कराए और मार्किट रेट से अधिक दामों पर सामान खरीदा गया। माना जा रहा है कि कायाकल्प योजना में बड़ा घोटाला किया गया है। इस मामले की जांच कमिश्नर मेरठ मंडल की तरफ से सौंपी जा चुकी हैं। लेकिन अभी तक रिपोर्ट को उजागर नहीं किया गया है। आरोप है कि जांच अधिकारी पर रिपोर्ट बदलने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है।

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कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में पानी की टंकिया रखी गई। ताकि बच्चों को स्वच्छ पानी मिल सके। पानी की टंकियों को मार्किट रेट से अधिक दामों पर खरीदा गया। यहां तक की इन टंकियों को लगाने का कार्य ठीक से नहीं किया गया। अधिकारियों की माने तो जमीन पर पानी की टंकेियां रखी गई और कई रटौल के स्कूल मेंं जरूरत से ज्यादा पानी की टंकियां रखी गई। हालत यह है कि अधिकांश स्कूलों में पानी की टंकी का लाभ बच्चों को नहीं मिल पाया।

जून 2018 में टंकी लगाने का कार्य शुरू किया गया। लेकिन एक साल से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी बच्चों को पानी नसीब नहीं हुआ। लेकिन अधिकारियों और कंपनियों ने खूब पैसा बटौरा। आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले कार्य निजी कंपनियों से कराकर करोडों का खेल कर दिया गया। यह खेल उस समय उजागर हुआ, जब जिला विकास अधिकारी हुब लाल ने कई गांवों में हुए विकास कार्यो का निरीक्षण किया। जिला विकास अधिकारी की जांच में सामने आया है कि अधिक रेट पर पानी की टंकियां खरीदी गई। करोडों खर्च करने के बाद पाइप फिटिंग खराब, टोटियां खराब, जरूरत से ज्यादा पानी की टंकियां रखने के साथ-साथ मार्किट रेट से ज्यादा दामों पर पानी की टंकिया खरीदी गई।

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मामला कमिश्नर मेरठ मंडल अनीता मेश्राम तक पहुंचा तो डीएम शकुंतला गौतम ने जल निगम और जिला विकास अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी। हालांकि, जिला विकास अधिकारी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप चुके हैं। लेकिन इस रिपोर्ट को अभी तक उजागर नहीं किया गया है। जिला विकास अधिकारी हुब लाल ने बताया कि जांच में कमी सामने आई है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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