एक एएनएम के भरोसे दस हजार की आबादी

— आखिर कैसे मिले बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
- जगह के अभाव में सुविधाओं के विस्तार पर लगा ब्रेक

उदयपुरिया. राज्य एवं केंद्र सरकार आम आदमी को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपए का बजट स्वीकृ त करती है। जिसके तहत चिकित्सा, चिकित्साकर्मी, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र एवं नि:शुल्क दवाई उपलब्ध करवाई जाती है, लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की महत्वपूर्ण कड़ी उप स्वास्थ्य केंद्र के हालात ठीक नहीं है। कहीं जमीन की समस्या है तो कहीं साधन-सुविधाओं का अभाव है। ऐसा ही मामला ग्राम उदयपुरिया का है। दस हजार की जनसंख्या वाले इस ग्राम में संचालित उप स्वास्थ्य केन्द्र एक एएनएम के भरोसे चल रहा है। जबकि कार्य का अत्यधिक दबाव होने से एएनएम दिनभर कागजी कार्रवाई में ही लगी रहती है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है। एएनएम मीना चौधरी ने बताया कि उन्हें प्रसव पूर्व जांच, एएनसी, प्रसव के बाद जांच, पीएनसी, टीकाकरण सहित अन्य प्रकार की रिपोर्ट एवं कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है, जिससे अधिकतर समय कागजी कार्रवाई में बीत जाता है।

जनसंख्या के अनुपात में दो एएनएम की जरूरत

जानकारों की मानें तो नियमानुसार पांच हजार की जनसंख्या पर एक एएनएम की नियुक्ति का प्रावधान है। ऐसे में कस्बे के उप स्वास्थ्य केंद्र पर दो एएनएम की नियुक्ति होनी चाहिए, जबकि वर्तमान में दस हजार की आबादी पर एक एएनएम होने से अत्यधिक कार्यभार होने के कारण ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं से वंचित होना पड़ रहा है। इस समय कस्बे में 10 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इन केंद्रों पर कार्यकर्ताओं सहित दस आशा सहयोगिनी कार्यरत है जो कि महिलाओं से संबंधित चिकित्सा सुविधाओं एवं सरकार द्वारा समय-समय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम एवं सर्वे सहित अन्य कार्य करती हैं। आशा सहयोगिनी सुषमा, शकुंतला ने बताया कि माह के प्रत्येक गुरुवार को केंद्रों पर टीकाकरण कार्यक्रम होता है और माह के आखिरी गुरुवार को उप स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण किया जाता है। इस दौरान महिलाओं की अत्यधिक भीड़ होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पानी की सुविधा भी नहीं

उप स्वास्थ्य केंद्र पर जगह के अभाव में चिकित्सकीय सुविधाओं का अभाव है। वहीं यहां पर कार्यरत कर्मियों एवं केंद्र में आने वाले मरीजों के लिए पेयजल सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। हालात यह है कि यहां पर पीने के पानी की के लिए आस.पड़ोस से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

ये सुविधाएं होनी चाहिए
जानकारी के अनुसार एक आदर्श उप स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ-साथ गर्भवती की जांच व प्रसव सुविधाएं, टीकाकरण एवं परिवार नियोजन सुविधाएं, सामान्य रोगों का इलाज, संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं चिकित्सा परिवार कल्याण सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।

इनका कहना है....

उदयपुरिया उप स्वास्थ्य केंद्र पर दो एएनएम के पद स्वीकृ त हैं। जल्द ही दूसरी एएनएम लगा दी जाएगी। उदयपुरिया में जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण उप स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं के विस्तार में बाध है।
डॉ. एस.के. चौपड़ा, बीसीएमओ गोविंदगढ़

- कस्बे की जनसंख्या अधिक होने से अत्यधिक दबाव रहता है। वहीं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां एक सहायक लगा दी जाए तो ग्रामीणों को समुचित एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकती है।

मीना चौधरी, एएएनएम
उप स्वास्थ्य केन्द्र, उदयपुरिया

Ramakant dadhich
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