यहां आ रहे हैं तो सावधान रहें, ये जानवर पहुंचा सकते हैं नुकसान

उपखंड क्षेत्र में कस्बा समेत अंचल में आए दिन बंदरों के आतंक से हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मामले को एक-दूसरे का बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। मंगलवार सुबह 9.30 बजे एलबीएस कॉलोनी बस्सी निवासी बुजुर्ग घासीलाल शास्त्री (73) पर बंदरों के समूह ने हमला बोल दिया।

By: Ashish Sikarwar

Updated: 25 Aug 2020, 11:57 PM IST

जयपुर/बस्सी. उपखंड क्षेत्र में कस्बा समेत अंचल में आए दिन बंदरों के आतंक से हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मामले को एक-दूसरे का बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। मंगलवार सुबह 9.30 बजे एलबीएस कॉलोनी बस्सी निवासी बुजुर्ग घासीलाल शास्त्री (73) पर बंदरों के समूह ने हमला बोल दिया। इससे बुजुर्ग बुरी तरह घायल होकर गिर पड़े। परिजनों व आसपास के लोगों ने जैसे-तैसे बंदरों को भगाया व बुजुर्ग को बस्सी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां बुजुर्ग के सिर में 3 टांके आए।

 

बंदरों से बचने के लिए घरों को बनाया पिंजरा
ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के आतंक से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। बंदरों से बचने के लिए लोगों ने मकानो पर लोहे का जाल लगाकर पिंजरा बना दिया है। ताकि बंदरों से बचा जा सके। लोगों का कहना है कि जाल लगाना शौक नहीं उनकी मजबूरी है।

 

लोगों से छीन कर ले जाते हैं खाद्य सामग्री
बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोगों के खाद्य सामग्री को वे छीनकर भाग जाते हैं। बंदरों के आतंक को लेकर ग्रामीणों ने कई बार जिम्मेदारों को अवगत भी करवाया, लेकिन वे ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जैसे ही बंदरों का टेंडर होता है तो गाडिय़ों में बंदरों को भरकर बस्सी में छोड़ जाते हैं। जिससे बंदरों का आतंक कम होने की बजाय ज्यादा बढ़ता जा रहा है।

 

हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं
वन विभाग के रेंजर प्रभारी पृथ्वीराज सिंह मीणा का कहना है कि बंदरों के आतंक के मामले में कलेक्टर व सरपंच की जिम्मेदारी है। हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। वैसे भी हमारे पास ऐसा कोई बजट नहीं आता।

 

पानी के लिए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन
शिवदासपुरा. क्षेत्र की ग्राम पंचायत चंदलाई को बीसलपुर का पानी की मांग को लेकर किसान सेवा समिति की ओर से उपखंड अधिकारी ओमप्रकाश सारण को ज्ञापन दिया। ज्ञापन समिति उपाध्यक्ष मोतीसिंह राठौड़ के नेतृत्व में दिया गया। राठौड़ ने बताया कि ग्राम पंचायत चंदलाई को दुर्भाग्यपूर्ण कारण बीसलपुर पानी से जोड़ा तो गया लेकिन 20 दिन बाद ही पानी बंद कर दिया गया, जबकि जनसंख्या दस हजार है। बकौल राठौड़ ने चंदलाई में बिसलपुर पानी के लिए 2017 में टंकी का निर्माण करवाया गया और 20 दिन पानी दिया गया। उसके बाद बार-बार अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी चंदलाई को बीसलपुर पानी से नहीं जोड़ा गया। इससे ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने जिम्मेदारों से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।

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