जेडीए स्कीम के आवंटन पत्र स्केन कर बनाते फर्जी पट्टे, तरीका देख पुलिस रह गई दंग

- जेडीए जोन-16 की फर्जी सील व दस्तावेज बरामद

By: Kashyap Avasthi

Published: 30 Jun 2020, 11:35 PM IST

जयपुर. करधनी पुलिस ने मंगलवार को जेडीए स्कीम के प्लॉटों के आंवटन पत्रों को स्केन कर फर्जी पट्टे तैयार कर लोगों के साथ ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरोह द्वारा राजस्थान विवि. की सेवानिवृत महिला प्रोफेसर के साथ 2 करोड़ से अधिक की ठगी का भी खुलासा हुआ है।


जयपुर कमिश्नरेट जिला पश्चिम के डीसीपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि 29 जून को सेवानिवृत प्रोफेसर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका कालवाड़ रोड गोकुलपुरा 206 बीघा जेडीए स्कीम में प्लॉट है। उसके परिचित कमलेश उर्फ कमल ने 26 जून को फोन भूखंड बेचने के बारे में पूछा तो महिला ने मना कर दिया। इस पर कमल ने बताया कि बाबूलाल नाम का व्यक्ति प्लॉट का पट्टा लेकर बेचने की फिराक में घूम रहा है। इस पर रिटायर महिला प्रोफेसर ने कहा कि उसने पट्टा किसी को नहीं दिया और बाबूलाल नाम का व्यक्ति फर्जी पट्टा बनाकर बेचने की फिराक में है।


करधनी पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया और झोटवाड़ा एसीपी हरिशंकर शर्मा व थानाधिकारी रामकिशन विश्नोई के नेतृत्व में टीम गठित की। पुलिस टीम ने जांच कर बाबूलाल नाईपुत्र महावीर प्रसाद निवासी एके गोपालन नगर खातीपुरा को गिरफ्तार कर सेवानिवृत प्रोफेसर के प्लॉट के फर्जी ढंग से तैयार किए गए आंवटन पत्र, बैंक का चालान, कम्प्यूटर की रसीद, साइट प्लान, अलॉटमेंट लेटर, कब्जा पत्र, सदस्यों की सूची, आवेदन पत्र, आधार कार्ड आदि जब्त किए तो दंग रह गई।
पूछताछ में बाबूलाल ने गिरोह में तीन जनों के शामिल होने की बात कबूली जिस पर राजेश कुमावत पुत्र रामकुमार निवासी रणजीत नगर खातीपुरा, राजकुमार कुमावत पुत्र बाबूलाल निवासी बुनकर कॉलोनी खातीपुरा व कौशल शर्मा पुत्र सियाराम निवासी जयलाल मुंशी का रास्ता चांदपोल बाजार को गिरफ्तार किया।


यूं करते थे ठगी की वारदात


पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बाबूलाल सैन व कौशल शर्मा ने रिटायर महिला प्रोफेसर के प्लॉट के दस्तावेजों की जेडीए कार्यालय से फोटो प्रतियां प्राप्त कर खातीपुरा में ई-मित्र संचालित करने वाले अभियुक्त राजकुमार ने जेडीए से निकलवाई फोटो प्रतियों के आधार पर कम्प्यूटर से जेडीए द्वारा जारी मूल असल पट्टे व अन्य दस्तावेजों की हुबहू टाइप कर खाली दस्तावेजों की दो प्रतियों में प्रिंट निकालकर परिचित औरत की फोटो लगाकर परिवादी महिला के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाकर बाबूलाल को दे दिए। बाबूलाल सैन व कौशल शर्मा फर्जी दस्तावेजों को लेकर राजेश कुमार के पास गए जो सील बनाने का काम करता था। उसने जेडीए जोन-16 के उपायुक्त की फजी मोहर लगा दी। बाबूलाल ने दस्तावेज सहयोगी कौशल को दे दिया। कौशल प्रोपर्टी डीलर्स से सम्पर्क कर एक जने के माध्यम से प्लॉट के फर्जी दस्तावेजों को 60 लाख रुपए में गिरवी रखकर 10 लाख रुपए एडवांस लेने की जुगत में था लेकिन इससे पहले ही गिरोह धरा गया।

Kashyap Avasthi Desk/Reporting
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