निकाय-एसडीएम के आदेशों में फंसी पालिका

निकाय-एसडीएम के आदेशों में फंसी पालिका

Kashyap Avasthi | Publish: Aug, 12 2018 04:03:04 PM (IST) Chomu, Rajasthan, India

सफाईकर्मियों की चुनाव ड्यूटी का मामला

चौमूं. एक तरफ स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक ने सफाईकर्मियों को सफाई कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्यों में नहीं लगाने के आदेश जारी किए हैं। वहीं एसडीएम चौमूं ने दो सफाईकर्मियों को चुनाव शाखा में रिकॉर्ड के रख-रखाव के लिए नियुक्त करने के लिए चौमूं नगरपालिका प्रशासन को आदेश फरमाए हैं। इसे लेकर पालिका प्रशासन दोनों अधिकारियों के आदेशों को लेकर ऊहापोह की स्थिति में है। किसके आदेश की पालना करें और किसकी नहीं। खास बात ये है कि इस बारे में जिम्मेदार अधिकारी साफ-साफ कहने से बच रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार के आदेश पर नगरपालिका चौमूं के लिए जून, 2018 में जिला कलक्टे्रट जयपुर में 71 सफाईकर्मियों की ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई थी। 13 जुलाई को परिणाम जारी होने के बाद 71 सफाईकर्मियों की सूची जारी कर दी थी, जिसमें अनुसूचित जाति के 11, अनुसूचित जनजाति के 8, अन्य पिछड़ा वर्ग के 14 एवं सामान्य वर्ग में 38 सफाईकर्मियों का चयन किया गया था। पालिका प्रशासन ने इन कार्मिकों को नियुक्ति भी दे दी, लेकिन इनमें से कुछ सफाईकर्मी सफाई कार्य नहीं करने के बजाय अन्य कार्य करने के लिए जोड़-तोड़ में लगे हुए थे।
निर्वाचक रजिस्ट्री पदाधिकारी विधानसभा क्षेत्र चौमूं एवं उपखंड मजिस्टे्रट चौमूं ने 7 अगस्त को नगरपालिका चौमूं को आदेश जारी किए कि निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों के शुद्धिकरण का कार्य किया जाना है। इसके लिए निर्वाचन संबंधी रिकॉर्ड के रख- रखाव के लिए सफाईकर्मी कालूराम यादव व बाबूलाल सैनी को लगाया। साथ ही निर्देश दिए कि ये सफाईकर्मी निर्वाचक रजिस्ट्री पदाधिकारी के निर्देशन में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
निदेशक के आदेश, सफाई करवाएं
स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा ने 9 अगस्त को नगर निगम व नगर परिषद के आयुक्त एवं नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को आदेश दिए हैं कि विभिन्न संगठनों की ओर से अवगत करवाया जा रहा है कि कतिपय नगरीय निकायों द्वारा सफाई कर्मचारी भर्ती में चयनित सफाईकर्मियों से सफाई कार्य में नहीं बल्कि अन्य कार्य में लगाया जा रहा है, जो गंभीर विषय है। ऐसे में पुन: निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी निकाय में सफाईकर्मियों से अन्य कार्य करवाने की शिकायत प्रमाणित पाई जाती है तो संबंधित आयुक्त या अधिशासी अधिकारी के खिलाफ बिना सुनवाई अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। साथ ही चयनित सफाईकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक करने की कार्यवाही होगी।
किसके आदेश की होगी पालना
सवाल ये है कि अब नगरपालिका प्रशासन निर्वाचक रजिस्ट्री पदाधिकारी विधानसभा क्षेत्र चौमूं एवं एसडीएम के आदेश की पालना करता है या स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक के आदेश की। चर्चा है कि निदेशक के 9 अगस्त के आदेश से पहले पालिका प्रशासन ने दो सफाई कर्मचारियों को मौखिक आदेश पर भेज दिया था, लेकिन दो दिन बाद ही निदेशक का आदेश आने के बाद वापस बुला लिया। हालांकि इसकी पुष्टि कोई नहीं कर रहा है। यह सिर्फ चर्चा ही है।
इनका कहना है....
मेरे कार्यालय से इस तरह कोई आदेश निकला है तो सोमवार को चुनाव शाखा कार्यालय खुलने के बाद ही सही जानकारी दे पाऊंगा, लेकिन न तो नगरपालिका प्रशासन ने किसी सफाईकर्मी को चुनाव शाखा के लिए रिलीव किया है और न ही किसी सफाईकर्मी ने चुनाव शाखा में कार्यग्रहण किया है।
- मुकेश कुमार मूंड, एसडीएम चौमूं
इनका कहना है...
एसडीएम कार्यालय से दो सफाईकर्मियों को चुनाव कार्य संबंध में लगाने के आदेश प्राप्त हुए थे, लेकिन स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक के आदेश की पालना में किसी भी सूरत में दोनों सफाईकर्मियों को रिलीव नहीं किया जाएगा।
- सलीम खान, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका चौमूं

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