नहीं रुक रहे हैं कोरोना मामले, पढिय़े कहां कितने मिले संदिग्ध

स्थानीय रेलवे स्टेशन से बुधवार देर रात ट्रेन के एसी कोच ऑपरेटर को फुलेरा रेलवे स्टेशन पर उतारकर संदिग्ध पाए जाने पर जयपुर रैफर किया गया। वहीं उसके साथ ट्रेन में सफर कर रहे तीन सफाई कर्मचारियों को भी रैफर किया गया है।

फुलेरा. स्थानीय रेलवे स्टेशन से बुधवार देर रात ट्रेन के एसी कोच ऑपरेटर को फुलेरा रेलवे स्टेशन पर उतारकर संदिग्ध पाए जाने पर जयपुर रैफर किया गया। वहीं उसके साथ ट्रेन में सफर कर रहे तीन सफाई कर्मचारियों को भी रैफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार पोरबन्दर एक्सप्रेस ट्रेन में कोच ऑपरेटर यात्रा कर रहा था। तभी ट्रेन रेवाड़ी पहुंची तो उसमें तीन सफाई कर्मी बैठ गए। रास्ते में कोच ऑपरेटर की तबीयत खराब होने लगी तो कंट्रोल रूम में सूचना दी गई। ट्रेन जैसे ही फुलेरा स्टेशन पहुंची तो ऑपरेटर को सीएचसी लाया गया और फिर उसे साथ सफर करने वाले सफाईकर्मियों को भी जयपुर रैफर कर दिया। ऑपरेटर दौसा सिकराय तहसील का निवासी है।
सांभरलेक. बुधवार शाम फुलेरा में कोरोना संदिग्ध युवती की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं उसके साथ सफर करने वाले सांभर निवासी चार युवकों को होम आइसोलेट किया है। सांभर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश वर्मा ने बताया कि सांभर के चार युवकों को होम आइसोलेट किया है। इन युवकों ने युवती के साथ सफर किया था।
राधाकिशनपुरा से रोगी रैफर
कालवाड़. जालसू पंचायत क्षेत्र के राधाकिशनपुरा गांव के राजकीय चिकित्सालय से शुक्रवार को मुंबई से लौटे एक युवक की तबियत खराब होने पर जयपुर रैफर किया। एंबुलेंस कर्मी श्रवण कूड़ी ने बताया कि युवक मूलत: रघुनाथपुरा का रहने वाला है। (निसं.)
मरीज जयपुर रैफर
मौजमाबाद. पंचायत बिहारीपुरा निवासी युवक को खांसी, बुखार, व उल्टी की शिकायत पर स्क्रीनिंग के बाद जयपुर रैफर कर दिया। युवक 25 मार्च को मुंबई से बिहारीपुरा आया था। मौजमाबाद सीएचसी चिकित्सा प्रभारी अशफाक अहमद ने बताया कि सूचना पर चिकित्सा दल बिहारीपुरा पहुंचा और रोगी की स्क्रीनिंग कर उसे जयपुर रैफर कर दिया गया। (निसं)
अशोक ने जयपुर में तोड़ा दम
चौमूं. चिकित्सा विभाग की ओर से डोला का बास में महाराष्ट्र से आए युवक को कोरोना वायरस का संदिग्ध मानकर जयपुर के सवाई मानङ्क्षसह चिकित्सालय में भेजा, जहां जांच के बाद उसे टीबी व सिलिकोसिस का मरीज घोषित किया गया। गुरुवार को चिकित्सालय में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बीसीएमओ डॉ. एस.के. चौपड़ा ने बताया कि डोलाकाबास निवासी अशोक बुनकर पुत्र वीरभान को टीबी रोग था। वह महाराष्ट्र में फैक्ट्री में कार्य करता था, इस दौरान उसे सिलिकोसिस भी हो गया। जैसे ही वह महाराष्ट्र से लौटा तो कोरोना वायरस महामारी के दौरान उसकी जांच की गई थी, जिस पर उसे जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय रैफर कर दिया गया। उसके परिजनों की जांच भी करवाई गई, जो नेगेटिव मिली।
चिकित्सालय में अशोक की जांच में टीबी व सिलिकोसिस होना पाया। इसके चलते उसने गुरुवार को दम तोड़ दिया। बीसीएमओ चौपड़ा ने बताया है कि अशोक की मौत का कारण कोरोना नहीं है। इस बारे में गोविन्दगढ़ डीसीपी संदीप सारस्वत ने बताया कि चिकित्साधिकारियों ने अवगत करवाया कि अशोक की मौत कोरोना से नहीं, बल्कि टीवी व सिलिकोसिस से हुई है। (का.सं.)

Ashish Sikarwar
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