Lock Down : नियमों के मकड़जाल में उलझे 'उद्योग'

कालाडेरा रीको क्षेत्र का हाल : 400 छोटी-बड़ी फैक्ट्रियों में सिर्फ 15 प्रतिशत ही हैं चालू। इनके भी हाल कुछ ज्यादा ठीक नहीं। श्रमिक भी हो रहे हैं परेशान। मजदूरों के पलायन से हो रही समस्या। साथ ही कामकाज के नियम भी पड़ रहे हैं भारी।

By: Narottam Sharma

Published: 10 May 2020, 10:39 PM IST

कालाडेरा. लॉकडाउन में सरकार ने भले ही औद्योगिक इकाई चालू करने के लिए सशर्त इजाजत दे दी, लेकिन शर्तें इतनी कठिन हैं कि इनकी पालना उद्यमियों के लिए मुश्किलभरी साबित हो रही हैं। नतीजतन, कालाडेरा की करीब 400 इकाइयों में से 10 से प्रतिशत इकाइयां की चालू हो पाई हैं। इसका खमियाजा उद्यमियों और श्रमिकों दोनों को भुगतना पड़ रहा है।
चौमूं तहसील के कालाडेरा कस्बे में संचालित रीको औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी करीब 400 इकाइयां संचालित हैं। कोरोना महामारी से पूर्व अधिकतर इकाइयां चालू थी, लेकिन लॉकडाउन में ये बंद हो गई। हालांकि सरकार ने 20 अप्रेल को लॉकडाउन में शिथिलता बरतते हुए इकाइयों को चालू करने के लिए सशर्त अनुमति दी थी।

यह है स्थिति
रीको क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्लाइवुड, दूध प्लांट, पेपर मिल, कृषि उपकरण, हवाई चप्पल, आटा मिल, कृषि उपकरण, पशुआहार आदि की औद्योगिक इकाइयां हैं। साथ ही इनके शुरू नहीं होने के पीछे एक बड़ा कारण मजदूरों का पलायन भी है। इससे अनुभवी श्रमिकों की भी कमी अखर रही है। फैक्ट्री संचालकों की मानें तो इकाइयां नहीं चालू नहीं होने का मुख्य कारण कच्चे माल की कमी, खुदरा की दुकानें नहीं खुलना भी है। श्रमिकों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में अधिकांश इकाइयों में कामकाज बंद पड़ा है, जो इकाइयां चालू है उनमेंं भी नियमित काम नहीं मिल रहा है। उद्यमियों की पीड़ा है कि कोरोना के कारण बिजली का बिल, ऋण की किस्त, कार्मिकों का वेतन सहित कई खर्चों की भरपाई करना चुनौती बना हुआ है।

इनका कहना है..

लॉकडाउन के दौरान फैक्ट्री में श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ा रहा है। कच्चे माल की आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही है और श्रमिकों का पलायन होने से उद्योग संचालन करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे वे आर्थिक संकट झेलने को मजबूर हैं।
- मनोज शर्मा, मालिक ओम संजय आयरन

औद्योगिक क्षेत्र में करीब 400 फैक्ट्रियों में से केवल 10-15 प्रतिशत इकाइयां ही संचालित हैं। शेष फैक्ट्रियों बंद पड़ी हुई है। सरकार प्रवासी श्रमिकों को घर भेज रही है। श्रमिकों के अभाव में उद्योग कैसे चल पाएंगे। उद्योगों मेंं आय नहीं होने से उद्यमी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रह रहे हैं।
- बनवारीलाल शर्मा, अध्यक्ष कालाडेरा इण्डस्ट्रीज डवलपमेंट एसोसिएशन

Narottam Sharma Desk
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